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बरगाड़ी कांड: सुप्रीम कोर्ट में एसआईटी को चुनौती दे सकती है सीबीआई, तीन के खिलाफ चालान नहीं

Thu, 21 Nov 2019 09:39 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली/फरीदकोट
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फाइल फोटो
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बरगाड़ी बेअदबी मामला अब सुप्रीम कोर्ट में जा सकता है। सीबीआई एसआईटी गठन को लेकर पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है। वहीं सीबीआई कोर्ट ने पूर्व विधायक हरबंस सिंह जलाल के पक्षकार बनने की याचिका को खारिज कर दिया जबकि शिकायतकर्ताओं की याचिका पर अगली सुनवाई में फैसला आने की उम्मीद है। कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 जनवरी को तय की है।
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बरगाड़ी बेअदबी मामले में पंजाब सरकार के एसआईटी गठन के फैसले को बरकरार रखने के हाई कोर्ट के आदेश को सीबीआई सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में है। सीबीआई ने कोर्ट में तर्क दिया कि डीएसपीई अधिनियम की धारा 6 के तहत राज्य सरकार जांच हस्तांतरित करने के अपने फैसले को वापस नहीं ले सकती।

एजेंसी ने पंजाब सरकार के उस आवेदन का भी विरोध किया जिसमें राज्य सरकार ने क्लोजर रिपोर्ट की सर्टिफाइड कॉपियों की मांग की है। सीबीआई ने अपने आवेदन में कहा कि एजेंसी ने पेशेवर तरीके से जांच की है। सीबीआई ने कोर्ट से पंजाब सरकार व अन्य लोगों द्वारा इस मामले को लेकर दायर की गई याचिकाओं को स्थानांतरित करने की गुजारिश की है।
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बुधवार को विरोध याचिका दाखिल करने का अंतिम दिन था। मामले के शिकायतकर्ताओं गोरा सिंह व रंजीत सिह ने भी विरोध याचिकाएं दायर की हैं। दोनों के वकील हरप्रदीप सिंह बल ने कोर्ट में कहा कि पंजाब सरकार को कोई विरोध याचिका दायर करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इस पर राज्य सरकार का पक्ष रख रहे वकीलों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार को विरोध याचिकाएं दायर करने का अधिकार है।

जलाल को खुद पता नहीं कि किस उद्देश्य से पक्षकार बनने का आवेदन किया

सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने पूर्व विधायक हरबंस सिंह जलाल द्वारा उन्हें इस मामले का पक्षकार बनाने के लिए दायर किए गए आवेदन को खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि जलाल खुद ही स्पष्ट नहीं हैं कि उन्होंने किस उद्देश्य से मामले का पक्षकार बनने के लिए आवेदन किया है।

कोर्ट ने कड़े शब्दों में कहा कि किसी भी पक्ष को यह अधिकार नहीं है कि वह अदालत को किसी विशेष समय पर फैसला देने या न देने के लिए बाध्य करे, बल्कि यह अवमानना है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगली तारीख तक बाकी शिकायतकर्ता विरोध याचिकाएं दायर नहीं करते हैं तो कोर्ट यह मान लेगी कि ऐसा करने में उनकी दिलचस्पी नहीं है और कोर्ट कानून के मुताबिक आगे बढ़ेगी।

कौन हैं हरबंस सिंह जलाल
रामपुरा फूल के पूर्व विधायक हरबंस सिंह जलाल बरगाड़ी बेअदबी मामले को लेकर चर्चा में रहे हैं। उन पर डेरा प्रमुख को माफी दिलाने के लिए अपने घर में एक्टर अक्षय कुमार व सुखबीर बादल के साथ डील करवाने का आरोप लगाया था। जलाल ने यह आरोप लगाने के बाद शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल व अकाली नेता सिकंदर सिंह मलूका से जान का खतरा होने की बात कहकर सुरक्षा की मांग की थी। यही नहीं जलाल ने जस्टिस रणजीत सिंह कमीशन पर भी सुबूत देने के बावजूद सही काम न करने का आरोप जड़ा था।

एसआईटी ने तीन अधिकारियों के खिलाफ नहीं पेश किया चालान

बरगाड़ी बेअदबी कांड से संबंधित बहिबल गोलीकांड केस की बुधवार को जिला और सेशन जज हरपाल सिंह की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के समय बीमार होने के चलते हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत पर चल रहे केस के मुख्य आरोपी पूर्व एसएसपी चरणजीत सिंह शर्मा भी अदालत में हाजिर रहे।

पूर्व एसएसपी पर आरोप तय करने को लेकर बहस शुरू होते ही उनके वकील ने आग्रह किया कि इस केस में एसआईटी ने तीन और पुलिस अधिकारियों को नामजद किया हुआ है लेकिन उनके खिलाफ अभी चालान पेश नहीं किया गया है। ऐसे में बाकी तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ चालान आने पर ही आरोप तय करने को लेकर बहस होनी चाहिए।

इस पर अदालत ने सरकार से जवाब तलब करते हुए केस की सुनवाई 7 दिसंबर तक स्थगित कर दी।

फायरिंग करने से दो सिख नौजवानों की मौत हो गई थी

जानकारी के अनुसार, एसआईटी ने बहिबल गोलीकांड मामले में मोगा के पूर्व एसएसपी चरणजीत सिंह शर्मा को इसी साल 27 जनवरी को गिरफ्तार किया था। घटना वाले दिन 14 अक्तूबर 2015 को बहिबल कलां में बेअदबी मामले को लेकर सिख संगत के रोष धरने में पुलिस के फायरिंग करने से दो सिख नौजवानों की मौत हो गई थी। राज्य भर में विरोध होने पर पुलिस ने घटना के एक सप्ताह बाद 21 अक्तूबर 2015 को थाना बाजाखाना में अज्ञात पुलिस पार्टी पर हत्या का केस दर्ज किया था।

जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर इस केस में पिछले साल 11 अगस्त 2018 को तत्कालीन एसएसपी मोगा चरणजीत सिंह शर्मा, तत्कालीन एसपी फाजिल्का बिक्रमजीत सिंह, तत्कालीन एसएसपी मोगा के रीडर इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह व तत्कालीन थाना बाजाखाना प्रभारी एसआई अमरजीत सिंह कुलार को नामजद किया गया था इसमें चरणजीत सिंह शर्मा को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बाकी तीन पुलिस अधिकारियों को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिली हुई है।
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सात माह पहले पेश किया था पूर्व एसएसपी के खिलाफ चालान

बहिबल गोलीकांड केस में एसआईटी ने करीब सात माह पहले 24 अप्रैल को पूर्व एसएसपी चरणजीत सिंह शर्मा के खिलाफ अदालत में चालान पेश कर दिया था और इन दिनों उन पर जिला अदालत में आरोप तय करने की प्रक्रिया चल रही है। अब केस में नामजद बाकी तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ चालान पेश नहीं किए जाने से विवाद खड़ा हो गया है।

बुधवार को जिला अदालत में पूर्व एसएसपी चरणजीत सिंह शर्मा के वकील ने कहा कि चूंकि इस केस में पूर्व एसएसपी समेत अब तक कुल चार आरोपी है ऐसे में सभी का चालान पेश होने के बाद ही आरोप तय करने को लेकर बहस शुरू की जानी चाहिए। वहीं एसआईटी का तर्क है कि चूंकि केस के बाकी तीन आरोपी पुलिस अधिकारियों को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिली हुई है और एसआईटी उन्हें अपनी हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती है।

ऐसे में एसआईटी द्वारा हाईकोर्ट से उनकी जमानत खारिज करवाने के लिए लगातार पैरवी की जा रही है। एसआईटी का दावा है कि हिरासत में लेकर पूछताछ से ही केस से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल होगी। इसके बाद ही तीनों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया जाएगा।
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