मोहाली। कोरोना काल के बीच अवैध खनन अब वीआईपी सिटी के करीब पहुंच गया है। मोहाली के थाना सोहाणा की पुलिस ने अवैध खनन व चोरी का मामला दर्ज किया है। न तो खनन करने वाले ही पुलिस के हाथ लगे और न ही उनकी पहचान हुई है। यह मामला शहर के नजदीकी गांव दुराली का है।
खनन माफिया का धंधा प्रशासन की नाक के नीचे चला रहा है। यह इस घटना से साबित होता है कि पुलिस को खनन का पता तब चला जब वह वहां से जा चुके थे। डीसी की सख्त हिदायतों के चलते सोहाणा थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ अवैध खनन व चोरी का मामला दर्ज किया गया।
पंजाब में अवैध खनन को लेकर भी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल काफी सख्त है। मुल्लांपुर व डेराबस्सी के इलाकों में अवैध खनन लंबे समय से हो रहा है। मुल्लांपुर हिमाचल प्रदेश के बद्दी से सटा है। यह इलाका अवैध खनन का अड्डा बन चुका है। डेराबस्सी में भी ऐसे ही हालात हैं।
अवैध खनन का यह कारोबार अब जिले की सीमा से बढ़ता हुआ शहर की सीमा की ओर आ रहा है। कोरोना काल में कर्फ्यू के दौरान मुल्लांपुर, अभिपुर, मियांपुर चंगर व कुब्बाहेड़ी में अवैध खनन जोरों पर रहा। यहां के ग्रामीणों ने खुद डीसी गिरीश दियालन को इसकी जानकारी दी थी। एक जनवरी 2020 से लेकर 15 अगस्त 2020 तक जिले में कुल 19 मामले अवैध खनन करने वालों के खिलाफ दर्ज हुए। इन साढ़े सात महीनों में 30 से ज्यादा क्रशर सील किए गए। दर्जनों टिप्पर, ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पुलिस ने कब्जे में लिए हैं। सबसे ज्यादा केस ब्लॉक माजरी व मुबारिकपुर में दर्ज हुए हैं। अवैध खनन करने वालों पर नजर रखने तथा साइट के बचाव के लिए अब प्रशासन उन सभी साइट्स पर सीसीटीवी कैमरे लगवा चुका है। यह वे साइट्स हैं जहां खनन होने का खतरा है या फिर खनन करते किसी को पकड़ा गया है।