मोहाली। अगर आप सीएम सिटी खरड़ में अपने सपनों का घर/प्लॉट खरीदने की योजना बना रहे हैं तो सावधान हो जाएं। क्योंकि आपकी छोटी सी चूक की वजह से आपको पूरी उम्र भर पछताना पड़ सकता है। यह हिदायत नगर काउंसिल खरड़ की ओर से लोगों को दी गई है और साथ ही कहा गया है कि किसी भी तरह की प्रॉपर्टी खरीदने से पहले नगर काउंसिल के दफ्तर में आकर संबंधित प्रॉपर्टी के कागजात की पड़ताल कर लें कि यह अप्रूव्ड है भी या नहीं। ऐसा नहीं करने पर आपको बाद में पछताना पड़ सकता है।
जानकारी के मुताबिक कोरोना काल में प्रॉपर्टी का कारोबार पूरी तरह से ठप हो गया था। फरवरी से जैसे ही सभी काम दोबारा शुरू हुए, इसके बाद से खरड़ एरिया में कई कॉलोनियां कट रही हैं। साथ ही यहां पैसा लगाने के लिए लोगों को कई तरह के ऑफर तक दिए जा रहे हैं। इतना ही नहीं जिस एरिया में एक ईंट तक नहीं लगा सकते, वहां पर बिल्डरों की ओर से कालोनियां और शोरूम काट दिए गए हैं। इतना ही नहीं रातोंरात सड़कें और सीवरेज तक डाले जा रहे हैं। कुछ समय पहले गमाडा ने अपने अधीन आने वाले इलाके में इस तरह के निर्माण का पता लगने के बाद कार्रवाई की थी और डेढ़ सौ से अधिक अवैध तरीके से बन रहे निर्माणाधीन मकान और शोरूम गिराए थे। इतना ही नहीं गमाडा की तरफ से कुछ एरिया की रजिस्ट्री रोकने के लिए राजस्व विभाग को भी पत्र लिखा गया था। वहीं, अब नगर काउंसिल खरड़ ने भी इस दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके तहत नगर काउंसिल की ओर से सभी सार्वजनिक स्थानों पर इस संबंधी होर्डिंग लगा दिए गए हैं और लोगों को कहा गया है कि वह नगर काउंसिल दफ्तर पहुंचकर कॉलोनी के बारे में अच्छी तरह से पड़ताल कर लें। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाए।
पैसे देने के बाद भी करते हैं परेशान
जानकारी के मुताबिक खरड़ में सबसे ज्यादा निवेश बाहरी राज्यों के लोग कर रहे हैं। इनमें हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पंजाब के विभिन्न हिस्सों से लोग आकर प्रॉपर्टी खरीदते हैं। लेकिन यहां पर आकर लोगों को बहुत धक्के खाने पड़ते हैं। कई बिल्डर लोगों के साथ खेल करते हैं। पहले सपने दिखाते हैं और फिर उन्हें सुविधाएं तक नहीं देते हैं। प्लॉट या फ्लैट लेने के बाद लोग दिक्कत में आ जाते हैं। दीपक शर्मा निवासी खरड़ ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में सीएम दफ्तर और उपभोक्ता अदालत में केस तक दायर किया हुआ है।
इलाके में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और बाद में मीटर आदि लेने के लिए एनओसी लेने की प्रक्रिया भी काफी जटिल है। लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। खरड़ निवासी दीपक बताते हैं कि रजिस्ट्री के नाम पर लोगों को आहत किया जाता है। सरकारी फीस तो ली जाती है इसके अलावा कई भुगतान पर्दे के पीछे होते हैं। रजिस्ट्री लिखने का कोई रेट नहीं है। मनमर्जी से रेट वसूला जाता है। फिर नगर काउंसिल से एनओसी से लेकर अन्य काम भी आसान नहीं है। मीटर लगवाने के नाम पर लोगों को परेशान होना पड़ता है। मीटर लगाने आने वाले मुलाजिम सबसे ज्यादा परेशान करते हैं। पूरी फीस भरने के बाद हजार से पंद्रह सौ रुपये तक अलग से लेकर जाते हैं।