लालड़ू। क्षेत्र में पड़ती गोल्डन फॉरेस्ट कंपनी की सरप्लस जमीनों पर आई हुई एक पुरानी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एसडीएम स्वाति टिवाना ने खड़ी फसल काटने पर रोक लगा दी है। बीती रात दो कंबाइन मशीनें व ट्रैक्टर-ट्राली उक्त जमीन में गेहूं काटने के लिए पहुंच गई। पुलिस ने इन्हें कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
सोसायटी के संस्थापक सुखविंदर पाल पटवारी और चेयरमैन अवतार सिंह नगला ने मुख्यमंत्री व माल मंत्री को दी एक शिकायत में कहा कि थाना हंडेसरा के तहत आते दर्जनों गांवों में गोल्डन फॉरेस्ट की सैकड़ों एकड़ सरकारी जमीन लोगों के कब्जे में हैं। वे दो दशक से वहां पर कृषि करके मोटा लाभ कमा रहे हैं। 20 फरवरी 2000 को करीब 125 एकड़ गोल्डन फॉरेस्ट कंपनी की जमीन को सरकार ने सरप्लस घोषित किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त जमीन में अब गांव के एक रसूखदार परिवार का अवैध कब्जा है। इस संबंधी पिछले साल 2 अक्तूबर को लिखित शिकायत की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब 22 मार्च 2022 को नई बनी सरकार ने मुख्यमंत्री को शिकायत की गई। इसके बाद डेराबस्सी की एसडीएम ने हलका पटवारी जसवीर सिंह से दोबारा रिपोर्ट तलब की। वहीं कानूनगो व हलका पटवारी की ड्यूटी लगाई कि उक्त जमीन से संबंधित मॉल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जाए और जांच रिपोर्ट आने तक किसी को भी फसल काटने की इजाजत न दी जाए।
इस बारे में उक्त जमीन पर खेती कर रहे परिवार ने कहा कि कुछ लोग उन्हें जान-बूझ कर एक साजिश तहत बदनाम करना चाहते हैं। उनका गोल्डन फॉरेस्ट की जमीन के साथ कोई संबंध नहीं है।