खरड़। पंजाब में सरकार बदलते ही स्थानीय निकाय विभाग ने दुकानदारों से भारी भरकम टैक्स वसूलने की योजना तैयार की है। इसके तहत दुकानदारों से लाइसेंस फीस के नाम पर पिछले पांच साल की लाइसेंस फीस मांगी जा रही है। खरड़ नगर परिषद के इन नोटिसों को लेकर व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। दुुकानदारों की नींद उड़ी हुई है। दुकानदारों ने सरकार की ओर से जबरदस्ती थोपे जा रहे इस टैक्स का कड़ा विरोध किया है।
खरड़ व्यापार मंडल के प्रधान ने एक बयान में कहा कि नगर काउंसिल खरड़ द्वारा शहर के दुकानदारों को लगभग पिछले पांच साल से लाइसेंस बनवाने और प्रापर्टी टैक्स जमा करवाने के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं। प्रापर्टी टैक्स और लाइसेंस बनवाने के लिए मोटी फीस जमा करवाने के लिए दुकानदारों पर दबाव डाला जा रहा है और बनती रकम जमा न करवाने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के चलते दुकानदारों का कारोबार पहले ही ठप हो गया है। इन अतिरिक्त खर्चों के कारण दुकानदार बेहद परेशान हैं। इस अवसर पर उन्होंने नगर काउंसिल खरड़ औ पंजाब सरकार से अपील करते हुए कहा कि दुकानदारों का पिछला प्रॉपर्टी टैक्स और लाइसेंस फीस पूरी तरह माफ की जाए और आगे के लिए प्रॉपर्टी टैक्स और लाइसेंस फीस के रेट कम किए जाएं। उन्होंने मांग की है कि हर एक दुकानदार की एक दुकान तथा एक मकान को प्रॉपर्टी टैक्स से मुक्त किया जाए और जो प्रॉपर्टी किराए पर दी गई है, उस पर ही प्रॉपर्टी टैक्स वसूल किया जाए। उन्होंने यह भी मांग की है कि दुकानदारों की समस्याओं को हल करने के लिए नगर काउंसिल खरड़ की प्रधान व्यापार मंडल के सदस्यों के साथ मीटिंग करे।