मोहाली। शहर को पशु मुक्त बनाने के लिए नगर निगम की तरफ से पशु मालिकों को लीज पर जमीन देने संबंधी प्रस्ताव मंगलवार को होने वाली हाउस की बैठक में लाया जा रहा है। इस प्रस्ताव के विरोध में अब पूर्व मेयर कुलवंत सिंह की अगुवाई में गठित आजाद ग्रुप उतर आया है।
रविवार को ग्रुप के मेंबरों ने प्रेस कांफ्रेस कर आरोप लगाया कि जो जमीन गमाडा द्वारा पहले ही निगम को लीज पर दी गई है, उस जमीन को निगम के आगे लीज पर कैसे दे सकता है। यह नियमों की अनदेखी है। अगर प्रस्ताव को पास किया जाता है तो कोर्ट जाने का रास्ता भी उनके पास रहेगा।
जानकारी के मुताबिक, पार्षद सुखदेव सिंह पटवारी की अगुवाई में आजाद ग्रुप के मेंबरों ने अपने दफ्तर में प्रेस कांफ्रेंस की। सुखदेव सिंह पटवारी ने कहा कि गमाडा की तरफ से नगर निगम को डंपिंग ग्राउंड के लिए सेक्टर-74-91 में 13.30 एकड़ जमीन लीज पर दी गई थी, लेकिन अब नगर निगम आगे पशु मालिकों को उसमें से 3.54 एकड़ साइट में डेयरी शेड बनाकर लीज पर देने जा रहा है। यह नियमों के खिलाफ है। पटवारी ने कहा कि हम मालिकों को जमीन देने के विरोध में नहीं है। यह केवल चुनावी स्टंट है। बाद में गमाडा की ओर से कार्रवाई कर दी जाएगी। निगम सच में यह पशु मालिकों को जगह देना चाहता है तो निगम इस संबंधी नोटिफिकेशन जारी करवाएं या फिर नए सिरे से जमीन एक्वायर कर पशु मालिकों को दी जाए।
जमीन पर कब्जे के लिए जागा पशु प्रेम
पार्षद सुखदेव सिंह पटवारी के साथ मौजूद पूर्व मेयर कुलवंत सिंह के बेटे एवं पार्षद सरबजीत सिंह ने कहा कि इस तरह जमीन लीज देने के बहाने विधायक बलबीर सिंह सिद्घू अपने चहेतों व रिश्तेदारों को ही फायदा पहुंचना चाहते हैं। यह चीज आने वाले समय में आगे आ जाएगी। पहले एक बार जमीन अलॉट की जाएगी। उसके बाद खुद फायदा उठाने चाहते हैैं। गो प्यार के बहाने सिद्धृ परिवार जमीन दबाने का प्रयास कर रहा है।
पहले पास प्रोजेक्ट का क्रेडिट ले रहे मेयर
पार्षद सरबजीत सिंह ने एक सवाल के जवाब में मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धृ को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि मेयर कोई नया काम नहीं करवा रहे हैं, जबकि पहले से पास प्रोजेक्ट का शुभारंभ करवाकर क्रेडिट लेने की कोशिश कर रहे हैं। जब उनके समय में प्रोजेक्ट पास किए तो फंड की कोई कमी नहीं थी।