फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कृषि कानूनों की वापसी के बाद चौदह महीने से चल रहा मोर्चा संपन्न

विज्ञापन
विज्ञापन
मोहाली। दिल्ली में चले किसान आंदोलन के शुरू होने से पहले ही मोहाली के सेक्टर-66 स्थित बेस्टेक मॉल के बाहर किसानों द्वारा पक्का मोर्चा स्थापित किया गया था। पक्के मोर्चा 14 महीने से भी अधिक समय चल रहा था। ऐसे में संयुक्त किसान मोर्चा के द्वारा दी गई कॉल पर पंजाब के सभी पक्के मोर्चों को खत्म करने को कहा गया। वहीं मोर्चा के आखिरी दिन बुधवार को किसानों द्वारा श्री सुखमणि साहिब के अखंड पाठ करवाए गए। जिसके भोग के बाद पक्का मोर्चा को बेस्टेक मॉल के बाहर से उठाया लिया गया। मोहाली के आस पास लगते गांव जिनमें कुभड़ा, पत्तों, मटरां, मनौली, सिआउ, बाकरपुर, खूनीमाजरा, चौमाजरा, चाउमाजरा व अन्य ग्रामीणों द्वारा लगातार पक्का मोर्चा पर धरना प्रदर्शन किया गया। जिसके चलते एक नामी निजी कंपनी को अपने स्टोर बंद करने पड़े।
विज्ञापन

काका सिंह सेवाओं के लिए सम्मानित
पक्के मोर्चा को मजबूती देने में मोहाली के हर किसान और उन शहरवासियों का हाथ है। ऐसे ही काका सिंह हैं, जिन्होंने बेस्टेक मॉल पर पक्के मोर्चा में अपनी हाजिरी लगाई थी। पानी से लेकर प्रसाद देने तक का काम काका सिंह द्वारा किया गया। हर गांव से आने वाला लंगर उनके द्वारा ही मोर्चा पर बैठे किसानों को दिया जाता। उनकी बनाई चाय पक्के मोर्चा के किसानों का महत्वपूर्ण अंग बन गई थी। काका सिंह बताते है वे गांव में साधारण काम करते थेे। खेत न होने के बावजूद भी मैं संघर्ष का हिस्सा बना, मेरे लिए सौभाग्य की बात है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें