मोहाली। नगर निगम की सीमाओं के विस्तार के बाद अब निगम चुनाव से पहले वार्डबंदी की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इसी कड़ी में प्रशासन ने बीएलओ को घर-घर जाकर हर निवास स्थान पर मौजूद परिवार के सदस्यों, मतदाताओं और उनकी श्रेणी से जुड़े सभी विवरण इकट्ठा करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सही व अद्यतन डाटा के आधार पर ही नई वार्डबंदी तैयार होगी, ताकि बढ़ी हुई सीमा के हिसाब से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके। बीएलओ लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे अपने सरकारी पहचान पत्र दिखाकर आवश्यक सहयोग दें, ताकि किसी भी मतदाता का नाम सूची से छूट न जाए। वहीं राजनीतिक हलकों में इसे आगामी निगम चुनावों की बड़ी तैयारी माना जा रहा है। विभिन्न पार्टियों के स्थानीय नेता भी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय हो गए हैं, ताकि वार्डबंदी के दौरान उनके समर्थकों की संख्या और प्रभाव को ठीक ढंग से दर्ज किया जा सके। चुनावी हलचल के बीच प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जो लोग सही जानकारी देंगे, उनके क्षेत्र में वार्ड निर्धारण और सुविधाओं की योजनाओं में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आएगी। आने वाले हफ्तों में वार्डबंदी को लेकर राजनीतिक तापमान और बढ़ने की उम्मीद है।
वार्डबंदी पर सियासत गरमाई, पारदर्शिता बनाम पक्षपात का आरोप
नगर निगम क्षेत्र में होने वाली वार्डबंदी को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। सत्ताधारी पार्टी के नेताओं का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से और तय नियमों के तहत की जाएगी, ताकि हर क्षेत्र को न्यायपूर्ण प्रतिनिधित्व मिल सके। वहीं विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वार्डबंदी को राजनीतिक लाभ के अनुसार प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। दोनों दलों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच शहरवासी उम्मीद कर रहे हैं कि वार्डबंदी निष्पक्ष और सही तरीके से पूरी की जाए।