मोहाली। मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने नौ माह पहले टिप्पर की टक्कर से 20 वर्षीय युवक की मौत के मामले में परिवार को 17.47 लाख रुपये का मुआवजा देने का फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने 20 वर्षीय युवक कुलदीप की मौत के मामले में उसकी मां ममतेश निवासी भगवानपुरा बरवाला जिला पंचकूला को 17.47 लाख रुपये का मुआवजा साढ़े सात प्रतिशत ब्याज सहित देने के निर्देश दिए हैं। यह राशि टिप्पर मालिक अमित सोबती, टिप्पर चालक बलविंदर सिंह और टिप्पर की इंश्योरेंस करने वाली बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को संयुक्त रूप से अदा करनी होगी। हालांकि मृतक की मां ने ट्रिब्यूनल में 80 लाख रुपये के मुआवजे के लिए याचिका दायर की थी। हादसे में तीन लोगों की माैत हुई थी।
अदालत में यह तर्क दिया गया कि दावेदारों के एक रिश्तेदार की शादी मंडी जिला मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश में हो रही थी। इस कारण सुखवीर सिंह अपने बेटे विजेंद्र कुमार, अमित कुमार और उनके बच्चे पलक उम्र 14 वर्ष और कुलदीप उम्र 20 साल के साथ समारोह में गए थे। 4 फरवरी 2025 को सुखवीर सिंह अपने परिवार के सदस्यों के साथ थ्री-व्हीलर में नगला मोड़ पर पहुंचे और उस समय लगभग रात के 8 बज रहे थे। सभी व्यक्तियों को गांव भगवानपुर बरवाला जाना था। विजेंद्र कुमार के पास अपनी मोटरसाइकिल थी। वह नगला मोड़ पर खड़ा था। सुखवीर सिंह को उनके बेटे अमित कुमार ने उनकी वृद्धावस्था के कारण नगला की तरफ सड़क पार करने से रोक दिया। उनके पोते कुलदीप और पोती पलक सडक़ पार करके हंडेसरा-अंबाला रोड पर आ गए। उसी समय हंडेसरा की तरफ से एक टिप्पर बहुत तेज गति से हाई-बीम लाइटों के साथ आया। लापरवाही से टिप्पर को गलत साइड में ले आया और पोती पलक और पोते कुलदीप को टक्कर मार दी। दोनों सड़क के सही साइड में खड़े थे।कुलदीप और पलक के कपड़े उक्त टिप्पर के आगे वाले बंपर में फंस गए। उक्त टिप्पर का चालक उन्हें घसीटते हुए सड़क के बीच में ले गया। आगे अपनी मोटरसाइकिल के साथ खड़े विजेंद्र कुमार पुत्र सुखवीर सिंह को भी टिप्पर ने टक्कर मार दी। सुखवीर सिंह और उनका दूसरा बेटा अमित कुमार तुरंत मौके पर पहुंचे। पलक चोट के कारण कराह रही थी जबकि कुलदीप की मौके पर ही मौत हो गई थी। विजेंद्र कुमार भी बुरी तरह घायल हो गया। बाद में दोनों की उपचार के दाैरान माैत हो गई थी। हादसे के बाद चालक टिप्पर से नीचे उतरा और वाहन को मौके पर ही छोड़कर भाग गया। मौके पर पुलिस को बुलाया और हंडेसरा थाने में मामला दर्ज करवाया। अस्पताल में डॉक्टर ने विजेंद्र कुमार को मृत घोषित कर दिया।