फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सड़क हादसे में गंभीर घायल एक छात्रा कोमा में, दूसरी ने डेढ़ माह बाद खाया खाना

विज्ञापन
विज्ञापन
नयागांव। कुराली-खरड़ हाईवे पर जमुना अपार्टमेंट्स के नजदीक डेढ़ महीने पहले एक्टिवा पर सवार दो नर्सिंग की छात्राओं को एक तेज रफ्तार टोयोटा कलेंजा कार चालक ने टक्कर मार दी थी। इसमें गंभीर घायल हुईं दोनों छात्राओं में एक छात्रा नयागांव मूल निवासी (पोड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड) निवासी पूनम नेगी कोमा में चली गई थी। अब तक वह न बोलती है और कुछ सुन पाती है। खाना-पीना तक बंद है। बस आंखें खुली रहती हैं। उसका पूरा परिवार दिन-रात उसके ठीक होने का इंतजार कर रहा है। जबकि दूसरी छात्रा हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर निवासी रीतिका राणा की हालत में लंबे समय के बाद सुधार हुआ है। अब वह खाना खाने लगी है। वहीं इस हादसे में खरड़ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया था और पीड़ितों ने पुलिस को कार का नंबर भी दे दिया था, लेकिन अभी तक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
विज्ञापन

जानकारी के मुताबिक खरड़ के जमुना अपार्टमेंट्स के सामने हाईवे पर 3 अगस्त की रात करीब 11 बजे दोनों छात्राएं एक्टिवा पर कॉलेज से बाहर कुछ सामान लेने के लिए बाहर आई थी। एक्टिवा रितिका राणा चला रही थी और पूनम नेगी पीछे बैठी थी। जिस दौरान वह जमुना अपार्टमेंट्स के सामने हाईवे पर पहुंची तो एक झारखंड नंबर की तेज रफ्तार टोयोटा क्लेन्जा कार ने एक्टिवा को टक्कर मार दी थी। इस हादसे दोनों ही छात्राएं गंभीर घायल हो गई थी। दोनों को पहले खरड़ के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। यहां से रीतिका राणा को मोहाली के एक निजी अस्पताल में भेज दिया गया और पूनम नेगी को पीजीआई में दाखिल करवा दिया गया था। वहीं, रीतिका की हालत में अभी सुधार है, लेकिन पूनम दुर्घटना के बाद से अभी तक कोमा में ही है और सिर्फ आंखें खुली रहती हैं। लेेकिन आरोपी कार चालक अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। जबकि पुलिस का दावा है कि पूरे इलाके में कैमरे लगे हैं। इसके बाद भी उसका सुराग तक नहीं लगा पाई।
ऑटो चलाकर पढ़ा रहा था बेटी को
मैं दिल्ली में ऑटो चलाकर अपनी बेटी पूनम को नर्सिंग का कोर्स करवा रहा था। मुझे मेरी बेटी से बड़ी उम्मीद थी, कि वह नर्सिंग का कोर्स करके सैटल हो जाएगी और बुढ़ापे में मेरा सहारा बनेगी। मैंने कभी भी नहीं सोचा था कि मेरी बेटी के साथ ऐसा कुछ भी होगा। आज मुझे जिस बेटी से सहारे की उम्मीद थी। वह उम्मीद इस दुर्घटना के कारण मुझे टूटी हुई नजर आ रही है।
विज्ञापन

- जीत सिंह नेगी नेगी।
हालात में हुआ कुछ सुधार
मैं हिमाचल में छोटा-मोटा काम करके अपने परिवार का पालन पोषण करता हूं। मेरी दो बेटियां हैं, इनमें से रीतिका छोटी है। मुझे इससे बहुत उम्मीद थी, रीतिका मेरे बुढ़ापे का सहारा थी। अब कुछ थोड़ा उसकी हालत में सुधार हुआ है, लेकिन इस दुर्घटना के बाद मेरी जिंदगी और सपने पूरी तरह से बदल गए।
- रविंदर राणा, रीतिका के पिता।
पुलिस के सामने आरोपी चले गए कार चालक आरोपी
जिस कार ने छात्रओं के एक्टिवा को टक्कर मारी थी पुलिस के पास उस कार का नंबर भी है। लेकिन पुलिस ने आज तक आरोपी को पकड़ने की कोशिश ही नहीं की। हैरानी की बात तो यह है कि मौके पर पुलिस के पहुंच जाने के बाद भी आरोपी कार चालक अपनी कार को दूसरी गाड़ी टो करके कैसे लेकर चले गए और उनका अब तक सुराग नहीं लगा पा रही है। पुलिस के पास कार का नंबर होने के बावजूद डेढ़ महीने तक आरोपी नहीं पकड़े गए। इससे लगता है कि पुलिस कार्रवाई में लापरवाही बरत रही है।
- प्रीतम सिंह नेगी, पूनम नेगी के चाचा, निवासी नयागांव।
आरटीओ में दर्ज कार के नंबर का नहीं हुआ मिलान और मोबाइल फोन भी बंद
यह मामला मेरे संज्ञान में है। इसमें मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस हादसे में संलिप्त कार का नंबर झारखंड का है। जिसका आरटीओ में दर्ज पते का मिलान भी आरोपी के पते से नहीं हो पा रहा है। वहीं, कार खरीदते समय जो मोबाइल नंबर दिया गया था, वह नंबर भी बंद है। दुर्घटना के बाद इस कार की मरम्मत किसी भी टोयोटा कंपनी में नहीं कराई गई है। हमने यह सारे रिकॉर्ड चेक करवा लिए हैं। पुलिस कार्रवाई कर रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
विज्ञापन

- अशोक कुमार, एसएचओ, थाना प्रभारी, सिटी खरड़।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें