ऋषिकेश से डेराबस्सी लौटते वक्त शेयरिंग राइड से सवारी बिठाना पड़ा महंगा
संवाद न्यूज एजेंसी
डेराबस्सी। ब्ला-ब्ला एप के माध्यम से आप भी कार शेयरिंग करते हैं तो सवारियों के बैठाते वक्त जरा ध्यान रखें। ऐसा न हो कि ब्ला ब्ला बड़ी बला बन जाए। ऐसा ही हुआ डेराबस्सी के एक कार मालिक लखविंदर सिंह के साथ। शनिवार को ऋषिकेश से डेराबस्सी लौटते वक्त एप ब्ला ब्ला से एक सवारी बैठा ली। सवारी ने रास्ते में उसे कुछ चिप्स व जूस दिया। जिसे पीकर उसे नशा हो गया और शाहाबाद हरियाणा तक गाड़ी ठीक-ठाक चलाने के बाद वह बेहोश हो गया। इसके बाद सवारी उसका लैपटॉप, पर्स, फोन और चेन लेकर फरार हो गई। पीड़ित को जब आठ घंटे बाद होश में आया तो उसने आपबीती बताई।
कार मालिक लखविंदर सिंह वासी डेराबस्सी ने बताया कि वह ऋषिकेश में नौकरी करता है और शनिवार सुबह वह अपनी कार से ऋषिकेश से डेराबस्सी घर आ रहा था। इस दौरान उसने एक ब्ला ब्ला नामक एप से शेयरिंग राइड के माध्यम से सवारी बैठा ली। सवारी ने रास्ते में कार चालक लखविंदर को कुछ चिप्स व जूस दिया जिसे पीकर उसे नशा हो गया और शाहाबाद हरियाणा तक गाड़ी ठीक-ठाक चलाने के बाद वह बेहोश हो गया। उसे कुछ याद नहीं कि वह कैसे अंबाला पहुंच गया। परिवार के मुताबिक लखविंदर ने सुबह साढ़े सात बजे पत्नी को फोन कर बताया था कि वह साढ़े आठ बजे तक डेराबस्सी पहुंच जाएगा। साढ़े आठ बजे जब लखविंदर की पत्नी ने फोन किया तो किसी अज्ञात व्यक्ति ने फोन उठाया और नारायणगढ़ पहुंचने की बात कही। जब उस अंजान शख्स को लखविंदर से बात करने के लिए कहा गया तो पहले तो वह उसे नजरअंदाज करने लगा फिर जब उसने लखविंदर से बात करवाई तो लखविंदर से ठीक से बात नहीं हो रही थी। इसके बाद अज्ञात ने लखविंदर का फोन बंद कर दिया। परिजन काफी देर तक फोन करते रहे लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इस बीच लखविंदर के गूगल खाते का पासवर्ड चेंज का मैसेज उनकी पत्नी के फोन पर आया जो लखविंदर के अकाउंट से जुड़ा था।
इसके बाद घबराए परिवार ने तलाश शुरू की और हरियाणा पुलिस व बला बला एप से मदद भी मांगी। वे लखविंदर की तलाश करते हुए कालाअंब, शाहाबाद, नारायणगढ़ व अन्य पुलिस थानों में गए। उन्होंने पुलिस हेल्पलाइन नंबर पर भी फोन किया लेकिन किसी ने कोई मदद नहीं की। इस बीच वे हरियाणा के टोल टैक्स पर भी पहुंचे और लखविंदर की गाड़ी के नंबर की जानकारी देने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने भी किसी तरह की मदद नहीं की। शाम करीब 4 बजे एक अंजान नंबर से उन्हें लखविंदर का फोन आया कि मैं अंबाला में हूं, मुझे ले जाओ। जिसके बाद वे वहां उन्हें लेने पहुंचे।
वहां मौजूद शख्स ने बताया कि लखविंदर अपनी गाड़ी में ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बेहोश पड़े थे। मौके पर लखविंदर की नई गाड़ी तो मिली पर मोबाइल फोन, लैपटॉप, पर्स और अन्य सामान गायब था। लखविंदर को अंबाला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया। 24 घंटे बाद भी लखविंदर पूरी तरह से होश में नहीं है।