लोगों को साफ व सुरक्षित खाद्य एवं पेय पदार्थ मुहैया कराने के लिए सरकार ने फूड सेफ्टी एक्ट लागू किया है, जिसके तहत रजिस्ट्रेशन आदि के लिए चार अगस्त-12 तक का समय बचा है। लेकिन अब तक मोहाली जिले में किसी भी कारोबारी ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। लाइसेंस लेने वालों की संख्या भी बहुत कम है। कम्युनिकेशन गैप के चलते ज्यादातर कारोबारियों को एक्ट के बारे में पता ही नहीं है। जो कानून लागू होने की राह में सबसे बड़ी बाधा है। इसी को दूर करने के लिए ‘अमर उजाला’ एक अभियान शुरू कर रहा है, जिसमें कारोबारियों के सवालों, शंका और हिचकिचाहटों के जवाब देंगे जिला सेहत अफसर डॉ. जय सिंह।
00000000
1. फेज पांच स्थित खालसा स्वीट्स के मालिक मलकीत सिंह खालसा के मुताबिक उन्हें एक्ट के बारे में कोई जानकारी नहीं है। विभाग या व्यापार मंडल के स्तर पर ऐसा कुछ नहीं बताया गया।
जवाब - प्रिवेंशन ऑफ फूड अडल्ट्रेशन एक्ट की जगह सरकार ने फूड सेफ्टी एक्ट लागू किया है। जिसके बारे में सारी जानकारी जिला सेहत अफसर दफ्तर से मिल सकती है। वेबसाइट पर भी जानकारी उपलब्ध है।
2. फेज पांच स्थित एचएस डिपार्टमेंटल स्टोर के मालिक जगमीत सिंह की शंका है कि किस कैटेगरी में, कैसे रजिस्ट्रेशन होना है, उसकी प्रक्रिया क्या है।
जवाब - जिन कारोबारियों का सालाना टर्न-ओवर बारह लाख से कम है उन्हें रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। इससे ज्यादा टर्न ओवर वालों को लाइसेंस लेना होगा। जिसके फार्म सिविल सर्जन दफ्तर से लिए जा सकते हैं। उनमें साथ लगने वाले डॉक्यूटमेंट की भी जानकारी है।
3. फेज पांच स्थित अमृत कन्फेक्शनर्स के मालिक रमनजोत सिंह का कहना है कि कई गैरजरूरी डॉक्यूटमेंट भी मांगे जा रहे हैं। शर्तों में ढील दी जानी चाहिए।
जवाब - फूड सेफ्टी एक्ट एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया को इस बारे में फीडबैक मिला है। गैरजरूरी डॉक्यूटमेंट हटाने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इनसे निजात मिल जाएगी।
4. फेज पांच स्थित लोंगिया ढाबा के मालिक परमजीत सिंह लोंगिया के मुताबिक उन्हें नहीं पता कि नए एक्ट के तहत ढाबे वालों को क्या करना होगा।
जवाब -ढाबे वाले भी एक्ट के दायरे में हैं। अगर उनका सालाना टर्न ओवर बारह लाख से कम है तो उन्हें रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। ज्यादा होने पर लाइसेंस लेना होगा।