मोहाली। इस बार जिले के स्कूलों में होने वाले टीचरों के तबादले में वीआईपी सिफारिश नहीं चलेगी, बल्कि सभी के सामने ही सारी प्रक्रिया होगी। विभाग ने तबादला प्रक्रिया के लिए स्पेशल वेबसाइट बनाई है। जिस पर जिले के सभी टीचर का ब्योरा दिया डाला जाएगा। उसके बाद उसी डाटा के हिसाब से तबादले होंगे। दस मई तक जिला शिक्षा विभाग को ये डाटा शिक्षा विभाग चंडीगढ़ भेजना होगा।
विभाग के थिंक टैंक ने तबादला प्रणाली को साफ सुथरा बनाने के लिए काफी मेहनत के बाद श्चह्वठ्ठद्भड्डड्ढह्लह्लद्वह्य.शह्म्द्द नाम से वेबसाइट तैयार की है। इस पर ही जिले के सारे टीचरों का स्कूल वाइज ब्योरा दर्ज किया जाएगा। साथ ही विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारी को हिदायत दी है कि उन्हें दस मई तक विभाग को एक शपथ पत्र देना होगा। इसमें उन्हें बताना होगा कि उनके जिले के सारे टीचरों का ब्योरा वेबसाइट पर डाल दिया गया है। इसमें कोई गलती नहीं है। साथ ही विभाग ने टीचरों से तबादलों के लिए अर्जियां भी मांगी हैं। जिसमें टीचरों से पूछा जाएगा कि वे कौन से इलाके में नौकरी करना चाहते हैं। गौरतलब है कि जिले में 593 के करीब एलिमेंटरी, मिडल, हाई और माडल स्कूल है। जिसमें कई स्कूलों में तो कई विषयों के टीचर बिल्कुल ही नहीं हैं। इस वेबसाइट से सारा डाटा एक साथ उपलब्ध रहेगा। साथ ही उन स्कूलों को भी टीचर मिल पाएंगे। जहां पर कई विषयों के टीचर बिल्कुल ही नहीं है।
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डीजीएसई ने स्कूलों की चेकिंग से किया था मना
जिले के स्कूलों में अधिकतर टीचर वीआईपी हैं। इसी चक्कर में पूर्व डीजीएसई कृष्ण कुमार ने स्कूलों की चैकिंग से मना कर दिया था। उनका साफ कहना था कि स्कूल चेकिंग में विभाग का पैसा और टाइम दोनों खर्च होते हैं, लेकिन टीचरों में कोई सुधार नहीं है। इसके लिए चेकिंग से कोई फायदा नहीं है।