मोहाली। फेज 3बी2 की कोठी में पीजी के तौर पर रह रही एक युवती ने शनिवार देर शाम आत्महत्या की कोशिश की। गुस्से में आकर उसने अपने हाथ की नसें काट लीं। पीजी हाउस में रहने वाली एक अन्य युवती ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित किया। पुलिस ने जख्मी हालत में उसे चीमा अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर कर दिया गया। समाचार लिखे जाने तक युवती बेहोशी की हालत में थी।
जानकारी के मुताबिक गुरदासपुर की मूल निवासी भारती (22) एचडीएफसी बैंक सेक्टर-40 में काम करती है। वह फेज 3बी2 की कोठी नंबर 1524 में बतौर पीजी रहती है। सूत्रों के मुताबिक पीजी हाउस में ही उसके साथ रहने वाली एक युवती से उसकी बहस हुई। दूसरी युवती का कहना था कि उसने बैंक से 35 हजार रुपये निकलवाए थे। शनिवार शाम को देखा तो उसमें साढ़े सात हजार रुपये कम थे। उस युवती ने भारती पर शक जताते हुए उससे इस बारे में सवाल किया। जिसके बाद दोनों के बीच काफी बहस हुई। इसके बाद वह युवती बाहर चली गई।
पुलिस को पीजी हाउस में रहने वाली अन्य युवतियों ने बताया है कि दोनों की बहस के बाद ही गुस्से में आकर भारती ने एकाएक अपने हाथ की नसें काट लीं। नसें काटने के बाद उसने फोन करके इसके बारे में अपनी फ्रेंड को भी बताया। इस घटना के बाद पीजी हाउस में दहशत फैल गई। वहीं से किसी ने कंट्रोल रूम को सूचित किया। मौके पर पहुंची पीसीआर ने भारती को फेज चार स्थित चीमा अस्पताल पहुंचाया। उस समय वह बेहोशी की हालत में थी। वहां से फौरन ही डॉक्टरों ने उसे मैक्स अस्पताल रेफर कर दिया।
थाना मटौर के एसएचओ धरमपाल ने कहा कि मौके से कोई भी नोट नहीं मिला है। भारती के बयान मिलने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। भारती की एक युवती के साथ बहस की बात सामने आई है, पर उसके भी बयान नहीं हो सके हैं।