जीरकपुर। बलटाना के एकता विहार में मंगलवार को डायरिया के 62 नए मामले सामने आए हैं। अब तक डायरिया से दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। इसके साथ दूषित पेयजल से बीमार होने वाले लोगों का आंकड़ा अब 233 पहुंच गया है।
करीब दस हजार की आबादी वाली इस कॉलोनी में डायरिया के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों के घरों के सर्वे के साथ दवाइयां भी वितरित कर रही है। लोगों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी जा रही है। बता दें कि एक सप्ताह पहले ही दूषित पेयजल के संबंध में लोगों और नगर परिषद के अधिकारियों को सूचना मिल गई थी, लेकिन समय पर ध्यान नहीं दिया गया। इसके चलते इतने लोग बीमार हो रहे हैं।
फाल्ट मिला, ठेकेदार की लापरवाही आई सामने
बलटाना के एकता विहार के मकान नंबर 249 के पास पाइप लाइन में फाल्ट मिला है, जहां सीवरेज और पानी दोनों के पाइप लाइन में लीकेज थी। ट्यूब लपेटकर लीकेज को बंद किया गया था। जब ट्यूब सड़ गया तो दोबारा सीवरेज और पानी मिक्स होने लगा और सीवरेज युक्त पानी की सप्लाई लोगों के घरों तक पहुंचने लगी। जब इस बारे में नगर परिषद के ठेकेदार कुलदीप से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि यह हमारा काम नहीं है, हम लोग पक्का काम करते हैं। अब सवाल यह है कि जिम्मेदारी नगर परिषद और ठेकेदार की है तो यहां पाइप लाइन में लीकेज होने पर ट्यूब किसने लगाया।
खुलने लगी विकास की पोल : ढिल्लों
मंगलवार को नगर परिषद प्रधान उदयवीर ढिल्लों ने भी एकता विहार कॉलोनी पहुंचकर मौके का जायजा लिया। जहां फाल्ट मिला था उस पर लपेटे गए ट्यूब को भी उन्होंने दिखाया। प्रधान ने बताया कि यह विधायक एनके शर्मा के कार्यकाल के समय का काम है। इतने दिनों तक नगर परिषद में काबिज होने के बाद भी पानी और सीवरेज की पाइप लाइन भी सही नहीं करवा पाए। अब धीरे-धीरे उनके कार्यकाल के दौरान किए विकास की पोल खुल रही है।