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Mohali News: 38 करोड़ की धोखाधड़ी में आरोपी चंद्रशेखर 27 अगस्त तक ईडी ने रिमांड पर लिया

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पंचकूला। एनएचएआई और हरियाणा राज्य बुनियादी ढांचा विकास निगम के साथ 38 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी चंद्रशेखर को मंगलवार को ईडी ने जिला अदालत में पेश किया। ईडी ने चंद्रशेखर को सोमवार को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया था। अदालत में ईडी ने आरोपी से पूछताछ करने के लिए सात दिन का रिमांड मांगा। अदालत ने आरोपी को 27 अगस्त तक ईडी के रिमांड पर भेज दिया है। ईडी अब आरोपी को 28 अगस्त को कोर्ट में पेश करेगी। ईडी ने बताया कि सरकारी खाते से आरोपी और उसके रिश्तेदारों के खातों में 24 से 30 करोड़ के करीब पैसे ट्रांसफर हुए हैं। ईडी रिमांड के दौरान आरोपी से पैसे की लेनदेन के बारे में पूछताछ करेगी। इसके साथ ही बचाव पक्ष के वकील केपी सिंह ने आरोपी के रिमांड का विरोध किया। उन्होंने अदालत में कहा कि आरोपी जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को रिमांड पर भेजा। इस मामले में ईडी नरेश कुमार श्योकंद को भी रिमांड पर लेकर पूछताछ कर चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पंचकूला जिले के पूर्व जिला राजस्व अधिकारी (डीआरओ) नरेश कुमार श्योकंद और एक बिचौलिए शमशाद की 2.42 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर चुकी है। पंचकूला और नोएडा में श्योकंद और शमशाद के 2.42 करोड़ के रेजिडेंशियल प्लाटों को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट-2002 के तहत कुर्क किया जा चुका है।
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ये है मामला
ईडी ने धोखाधड़ी के एक मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर नरेश कुमार श्योकंद को गिरफ्तार किया था। श्योकंद के खिलाफ हरियाणा राज्य सतर्कता ब्यूरो ने मामला दर्ज किया था। इसके बाद मामले में सीबीआई नई दिल्ली ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी, लोक सेवक का कदाचार, भ्रष्टाचार अधिनियम, 1988 के तहत मामला दर्ज किया था। ईडी की जांच में सामने आया था कि नरेश कुमार श्योकंद की मिलीभगत अन्य निजी व्यक्तियों के साथ धोखाधड़ी से एनएचएआई और एचएसआईआईडीसी के करोड़ों रुपयों को हस्तांतरित किया था। इससे राजकोष को 37.89 करोड़ रुपये का भारी नुकसान पहुंचा था।
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