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Mohali News: स्टाक में निवेश का लालच देकर डॉक्टर से 28.35 लाख ठगे फेसबुक पर आए एक लिंक पर क्लिक करते ही व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा था

Fri, 17 May 2024 07:34 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
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संवाद न्यूज एजेंसी
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मोहाली। एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से एक डॉक्टर से संपर्क कर स्टॉक में निवेश कर अच्छा मुनाफा देने का लालच देकर 28.35 लाख रुपये ठग लिए है। इस मामले में ठगी का शिकार हुए डॉ. संदीप ने पंजाब स्टेट साइबर क्राइम पुलिस को 30 अप्रैल को शिकायत दी थी। पुलिस ने जांच के बाद अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 व आईटी एक्ट की धारा 66 (सी) 66 (डी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले में साइबर एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है।
डॉ. संदीप निवासी टॉवर-9 स्काई गार्डन सेक्टर-66/ए मोहाली ने बयान में कहा कि वह मोहाली के एक निजी अस्पताल में काम करते हैं। 19 फरवरी 2024 को वह फेसबुक अकाउंट पर स्क्रॉल कर रहे थे तो एक वेब लिंक मिला जो स्टॉक मार्केट में निवेश कर अच्छे मुनाफे का दावा करता था। उस वेब लिंक को उनकी आईडी पर पोस्ट किया गया था। लिंक में यू-ट्यूबर और स्टॉक इन्वेस्टमेंट कोच अक्षत श्रीवास्तव की फोटो लगी थी। उसने अधिक जानकारी लेने के लिए जैसे ही लिंक पर क्लिक किया तो उन्हें तुरंत एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ लिया गया। उस व्हाट्सएप ग्रुप का नाम द वैल्यू टीम ए-21 था। यह ग्रुप 16 जनवरी 2024 को बनाया गया था। उसे 19 फरवरी 2024 को उक्त समूह में जोड़ा गया था। ग्रुप के एडमिन अंजना कपूर, प्रियंका शर्मा व कुछ अज्ञात नंबर वाले थे। इसी दिन कई व्यक्ति ग्रुप इनवाइट लिंक के माध्यम से व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल हुए। इसके बाद अंजना कपूर ने खुद को ग्रुप का मैनेजर बताया। अंजना ने ग्रुप में सभी जुड़े हुए मेंबर को भारतीय शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग के बारे में बताया।
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अंजना कपूर ने ग्रुप में अविनाश अग्रवाल का परिचय गुरु के रूप में कराया और बताया कि वह उनके सहायक हैं। उन्होंने आगे बताया कि अविनाश अग्रवाल सही स्टॉक और निवेश के बारे में सिखाएंगे। ग्रुप में बताया गया कि अविनाश अग्रवाल 12 साल से गोल्डन सेचिस एशिया पैसिफिक में प्रिंसिपल इन्वेस्टमेंट एनालिस्ट हैं और 20 साल से इक्विटी रिसर्च में लगे हुए हैं। कंपनी की बातों से प्रभावित होकर उन्होंने शुरुआत में 1 लाख रुपये स्टॉक मार्केट में निवेश कर दिए। उनके द्वारा अपनाई गई विधि यह थी कि जब भी उसके अपने संस्थागत खाते में कुछ धनराशि जमा की जाती तो स्टॉक खरीदने के लिए मैसेज आ जाता। उसने इस तरह समय-समय पर निर्देशित शेयरों को खरीदकर शेयर बाजार में अधिक धनराशि निवेश करना शुरू कर दिया। आरोपियों के अनुसार निवेश पर 300 फीसदी रिटर्न मिलने का दावा किया गया और मुनाफे के साथ सभी फंड निकाले जा सकते थे। उन्हें निवेशक से अर्जित कुल मुनाफे का 25 फीसदी मिलना था। उनका खाता कुछ लाभ दर्शा रहा था, इसलिए यह देखने के लिए कि क्या वह मुनाफे को निकालने में सक्षम है तो उसने 5 हजार की राशि निकाल ली। उन्होंने उसे इतनी रकम निकालने की इजाजत दे दी, जिससे वह उन पर और भी ज्यादा भरोसा करने लगा। इसके बाद उन्होंने कंपनी में अलग अलग समय पर कुल 28.35 लाख रुपये निवेश कर दिए। बाद में फर्जी कंपनी ने न तो उसका पैसा रिफंड किया और न ही मुनाफा दिया, जिसके बाद उसने स्टेट साइबर क्राइम पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने जांच के बाद फर्जी स्टॉक कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
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