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Mohali News: खेतों में पानी भरने से 16 एकड़ फसल बर्बाद, अधिकारियों और बिल्डरों पर आरोप

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किसान बोले - सीवरेज के पानी की व्यवस्था न किए जाने से फसल हो रही खराब
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संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। पटियाला रोड पर स्थित रामगढ़ भूड्डा गांव की जमीन में बरसाती पानी घुसने से करीब 16 एकड़ फसल खराब हो गई है। जिसके चलते किसानों को काफी नुकसान हुआ है। किसानों ने प्रशासन के अधिकारियों व बिल्डरों पर इस मामले में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इनके कारण ही उनका भारी नुकसान हुआ है और इसकी वसूली इनसे की जानी चाहिए।
बिल्डरों व बड़े बड़े कॉलोनाइजरों ने नाभा व भूड्डा गांव की खेती वाली जमीन पर अपने कॉमर्शियल व रिहायशी प्रोजेक्ट बना रखे हैं। बरसाती पानी व सीवरेज के पानी की व्यवस्था न किए जाने से किसानों की फसल खराब हो रही है। रामगढ़ भूड्डा निवासी किसान भूपिंदर सिंह, प्रदीप सिंह कमलदीप सिंह, सरदारा सिंह, हरविंदर सिंह, कमलजीत सिंह, जगजीत सिंह, अवतार सिंह, हरजिंदर सिंह, बलवीर सिंह व गुरमेल सिंह ने बताया कि पटियाला हाईवे से एक बरसाती पानी के लिए पुरानी पुलिया बनी हुई है। जिस पर आसपास के कई बिल्डरों ने कब्जा कर उसे काफी छोटा कर दिया है और अपने प्रोजेक्टों का पानी बरसाती व सीवरेज का पानी भी उसी में छोड़ दिया है।
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बीते वीरवार से लेकर हो रही बरसात के बाद यहां बाढ़ के हालात बने हैं। हमारे करीब 15-16 एकड़ में बरसाती पानी भर गया है। जिसकी जिम्मेदारी ड्रेन डिपार्टमेंट व बिल्डरों के साथ नगर परिषद की भी है। क्योंकि नगर परिषद के अधिकारी फीस तो भरवा लेते हैं, लेकिन उन्होंने काम किया या नहीं यह नहीं देखते, जिसका फायदा बिल्डर उठा लेते हैं और नुकसान लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
बॉक्स
विभाग पहले भी करवा चुका है एफआईआर
जिस पुलिया के रास्ते यह पानी भूड्डा गांव के खेतों में घुसा है उस पुलिया को लेकर ड्रेनेज विभाग की ओर से लोगों की शिकायत पर केस दर्ज करवाया था। क्योंकि करीब डेढ़ वर्ष पहले भी एक बिल्डर ने नाले पर मिट्टी डालकर बहाव बदल दिया था। जिसके बाद विभाग ने पर्चा दर्ज करवाया तो बिल्डर ने मिट्टी उठा ली थी। अब फिर किसानों को इस नाले की वजह से परेशानी हो रही है। जिसके चलते भूड्डा गांव के किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का हल न किया गया तो वह सड़कों पर उतकर बड़ा संघर्ष करेंगे।
कोट्स:
हमारे गांव की जमीन बरसाती पानी के साथ दूषित पानी आने से खराब हो गई है। इसका नुकसान हमें भुगतना पड़ रहा है, जबकि इसमें गलती बिल्डरों की है। क्योंकि उनके द्वारा ही पानी छोड़ा जा रहा है। यदि वह पानी की निकासी का सही इंतजाम करते तो आज ये हालात न होते। सभी किसानों को हो रहे नुकसान की वसूली बिल्डरों और लापरवाह अधिकारियों से होनी चाहिए।
-भूपिंदर सिंह, किसान गांव भूड्डा
कोट्स:
मेरे खेत में पानी घुस गया है। नगर परिषद, ड्रेनेज डिपार्टमेंट व बिल्डरों की लापरवाही से ऐसे हालात बने हैं। यदि हर व्यक्ति अपनी ड्यूटी पूरी करता तो खेतों में पानी न भरता। नाभा साहिब गांव का पानी भी इसी तरफ छोड़ा जा रहा है। बिल्डरों ने अपने फायदे के लिए हमें मुश्किल में डाल दिया है। यदि हालात यही रहे तो आने वाले समय में बाकी किसानों की फसलों को भी नुकसान हो सकता है।
-प्रदीप सिंह, किसान नेता गांव भूड्डा
कोट
यहां पुरानी ड्रेन थी, वह अब बंद हो चुकी है। क्योंकि उसके रास्ते में कई प्रोजेक्ट आ गए हैं। इस कारण पानी अपने फ्लो से ड्रेन में नहीं जा रहा और रास्ता बदल कर किसानों के खेतों की तरफ आ गया है। पुलिया को छोटा कर दिया और छोटे पाइप डालकर पानी की निकासी की जा रही है। जबकि बरसाती पानी के लिए पहले की तरह छोड़ा हुआ रास्ता ही होना चाहिए, तभी पानी सही ढंग से निकल पाएगा। अन्यथा ऐसे ही लोगों का नुकसान होता रहेगा।
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-कमलदीप सिंह, निवासी गांव भूड्डा
अधिकारी कोट्स:
मामला मेरे ध्यान में नहीं है, मैं कल ही एसडीओ को मौके पर भेजकर जांच करवाता हूं। जिस बिल्डर या कॉलोनाइजर ने पानी के बहाव को रोका होगा, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-चेतन कुमार, एक्सईएन ड्रेनेज डिपार्टमेंट
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