सिविल अस्पताल के स्टोराें में पड़ी दवाइयां बाहर दुकानों पर बिकने की शिकायताें पर वीरवार को स्वास्थ्य मंत्री के निजी सचिव राकेश सहगल, सुबोध वर्मा और एसडीएम परमजीत सिंह ने स्टाक जांचा।
इसके बाद एसडीएम के निर्देशाें पर तहसीलदार नरेंद्र सिंह सैनी के नेतृत्व में आई टीम ने सिविल अस्पताल के पांचाें स्टोराें पर ताले जड़ दिए और उस पर सील लगा दी गई। वहीं सिविल अस्पताल केे डॉ. गुरप्रीत बब्बर ने सभी आरोपाें को सिरे से खारिज किया है।
जानकाराें के मुताबिक फाजिल्का के विधायक और सेहत मंत्री चौ. सुरजीत कुमार ज्याणी को दवाइयां बाहर जाने की शिकायतें मिल रही थी। इन्हीं शिकायताें की जांच के लिए उन्हाेंने राकेेश सहगल और सुबोध वर्मा को मौके पर भेजा। इस दौरान एसडीएम परमजीत सिंह भी मौजूद थे।
टीम ने स्टोरों पर पड़े स्टाक की जांच की और इसके बाद स्टोराें केे ताले लगाकर सील कर दिए। कुछ समय बाद एसडीएम के निर्देशाें पर मौकेे पर तहसीलदार नरिंदर सिंह सैनी टीम सहित मौके पर पहुंचे और टीम ने सभी स्टोर पर सील लगा दी।
एसडीएम परमजीत सिंह ने बताया कि स्टोराें को ताले लगा दिए गए और चंडीगढ़ विभाग केे अधिकारी आकर मौके पर अपनी जांच करेंगे। गुरप्रीत सिंह बब्बर ने सभी आरोपाें को खारिज करते हुए कहा कि उनकी ओर से अस्पताल की एक सुई भी बाहर नहीं भेजी गई। उन पर लगे सभी आरोप निराधार हैं। उन्हाेंने कहा कि स्टोर में एक्सपायरी दवा भी पड़ी हैं।