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शहीद जसविंदर सिंह के अंतिम शब्द: दो दिन पहले बड़े भाई से कहा था-ठीक ठाक हूं, खुश हूं...

Wed, 13 Oct 2021 12:07 AM IST
निवेदिता वर्मा महेश कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला (पंजाब)

सार

नायब सूबेदार जसविंदर सिंह मई में पिता कैप्टन हरभजन सिंह के निधन पर गांव में छुट्टी पर आए थे। नवंबर की दो-तीन तारीख को उन्होंने अपने पिता के वरीना (निधन के बाद त्योहार से पहले की जाने वाली रस्म) के लिए छुट्टी पर आना था। लेकिन इससे पहले उनकी शहादत की खबर आ गई।
 
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गांव में शोक जताने पहुंचे लोगों के साथ बैठे शहीद के भाई। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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जम्मू कश्मीर के पुंछ क्षेत्र में आतंकवादियों से लोहा लेते शहीद हुए नायब सूबेदार जसविंदर सिंह की दो दिन पहले आखिरी बार फोन पर बड़े भाई राजिंदर सिंह से ही बातचीत हुई थी। पूर्व फौजी भाई ने बताया कि फोन पर जसविंदर ने कहा था कि ‘वह बिल्कुल ठीकठाक है और खुश है...’, पर सोमवार की सुबह साढ़े नौ बजे बजने वाली फोन की घंटी उसकी शहादत का पैगाम लेकर आई। अब भी राजिंदर सिंह संवेदना व्यक्त करने आने वालों को घर की बजाय गांव की चौपाल में पीपल के पेड़ के नीचे ही रोक रहा है। वजह है कि अभी शहीद जसविंदर सिंह की मां मनजीत कौर को उसकी शहादत के बारे में नहीं बताया गया है। उन्हें जसविंदर के चोटिल होने की ही जानकारी दी गई है। 

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गांव के बाहरवार स्थित चौपाल पर बड़े भाई राजिंदर सिंह ने कहा कि जो चला गया, वो तो अब लौटकर नहीं आएगा। उनकी तो कमर टूट गई है, पर वह देश, गांव व इलाके का नाम ऊंचा कर गया है। ज्यादा बात करने से गुरेज करते हुए राजिंदर सिंह ने बताया कि आखिरी बार जसविंदर सिंह मई में पिता कैप्टन हरभजन सिंह के निधन पर गांव में छुट्टी पर आया था, उसके बाद नवंबर की दो-तीन तारीख को उसने पिता के वरीना (निधन के बाद त्योहार से पहले की जाने वाली रस्म) के लिए छुट्टी पर आना था। 
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राजिंदर सिंह ने बताया कि उसमें व जसविंदर में देश सेवा का जज्बा पिता को देखकर आया। उन्होंने 22 साल फौज में देश की सेवा की। वहीं से उनमें भी फौज में जाने का जज्बा पैदा हुआ। केंद्र व सूबा सरकार से अपेक्षा के सवाल पर राजिंदर सिंह ने कहा कि वह सरकार के बारे में कुछ भी नहीं बोलना चाहते हैं। उधर, गांववासी शहीद जसविंदर सिंह का स्मारक बनाने की मांग उठा रहे हैं। शहीद जसविंदर सिंह का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह गांव पहुंचेगा और गांव में सरकारी सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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बटाला के बाद सीएम के कपूरथला आने की उम्मीद
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बटाला में शहीद के अंतिम संस्कार में शरीक होने के बाद कपूरथला के गांव माना तलवंडी में शहीद सूबेदार जसविंदर सिंह के अंतिम संस्कार में पहुंचने की प्रबल उम्मीद हैं। हालांकि सीएम के कपूरथला दौरे को लेकर सरकारी तौर पर अभी तक कोई सूचना नहीं है। बुधवार की सुबह ही पता चलेगा कि सीएम कपूरथला आएंगे या नहीं। बहरहाल, शहीद जसविंदर सिंह का पार्थिव शरीर जम्मू से सुबह करीब नौ से दस बजे के बीच गांव पहुंच जाएगा और करीब 11 बजे अंतिम संस्कार की परंपराओं का निर्वाहन होगा।

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