शपथ ग्रहण के बाद सचिवालय पहुंचे सीएम भगवंत मान।
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कांग्रेस और शिअद (ब) की सरकारें नवनियुक्त मुख्यमंत्री भगवंत मान के लिए पंजाब में कई चुनौती भरे कार्य छोड़कर गई हैं। पंजाब दुनिया भर में नशीले पदार्थ की मंडी के रूप में जाना जाता है। पाक से नशा पंजाब में पहुंच रहा है और इस धंधे में कई सफेद व खाकी पोशाक वाले लोगों का हाथ है, ऐसे लोगों ने ही पंजाब के युवाओं को नशे की दलदल में धकेला है। ऐसे कई लोगों के खिलाफ अदालत में नशा तस्करी के आरोप में केस चल रहे हैं। पंजाब में ऐसे लोगों की संख्या बहुत है। पाकिस्तान का बॉर्डर तो राजस्थान व गुजरात से भी लगता है, लेकिन वहां के युवा नशेड़ी नहीं हैं। ऐसे में आम आदमी पार्टी के लिए पंजाब को नशा मुक्त बनाना एक बहुत बड़ी चुनौती है।
पिछली कांग्रेस सरकार ने भी गुटका साहिब की शपथ लेकर पंजाब को नशा मुक्त कराने की बात कही थी, पर ऐसा हुआ नहीं। उनकी सरकार के कई वरिष्ठ नेताओं ने नशीले पदार्थ का धंधा करने वालों से समझौता कर लिया था। पंजाब से पाकिस्तान का बॉर्डर सटा है। वहीं से हेरोइन व असलहा प्रदेश में पहुंच रहा है। पाक में बैठे आतंकी संगठन ये दोनों ही चीजें पंजाब में भेज कर अशांति फैला रहे हैं। इनका साथ कई सफेद व खाकी पोशाक वाले दे रहे हैं। ऐसे लोगों की पहचान करना आप के लिए बहुत मुश्किल भरा काम है। पिछले कुछ माह में आधुनिक हथियारों संग पकड़े गए गैंगस्टरों से की गई पूछताछ में सफेद पोशाक वालों के नाम भी उछले थे, जिन्हें दबा दिया गया।
फिरोजपुर, फाजिल्का, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन व अन्य सीमांत इलाकों में तस्कर व आतंकी सक्रिय हैं। आप में ऐसे विधायक बने हैं, जो संवेदनशील इलाकों की गतिविधियों से अनजान हैं। पिछले दिनों सरहद पार से विस्फोटक सामग्री (टिफिन बम) पंजाब पहुंचे थे, जिनसे कई जगहों पर धमाके किए गए थे। पंजाब में ज्यादातर तस्करों को राजनीतिक नेताओं का समर्थन है। सीमांत गांवों में कच्ची दारू बनाने वालों के भी कई सियासी लोगों से संबंध थे, तभी सरेआम कच्ची दारू तैयार कर रहे हैं।