दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के चालीस सिंहों की याद को समर्पित मेला माघी शनिवार को रवायती तौर पर शुरु हो गया है। मेला माघी के चलते बड़ी गिनती से संगतों ने मुक्तसर पहुंचकर गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब, शहीद गंज साहिब, टिब्बी साहिब गुरुद्वारा सहित अन्य गुरुद्वारों में नतमस्तक होकर पुण्य-लाभ कमाया। वहीं गुरुद्वारा साहिब के पवित्र सरोवर में स्नान करने के पश्चात चालीस मुक्तों को नमन किया।
लोहड़ी की रात से ही शहर में संगतों ने आना शुरु कर दिया था और रात को ही हजारों की तादात में संगत पहुंच चुकी थी। शनिवार अमृतवेले गुरुद्वारा साहिब परिसर में संगतों की भीड़ दर्शनों को कतारों में लगी नजर आ रही थी। गुरुद्वारा शहीद गंज साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब का भोग डाला गया। रागी ढ़ाडी जत्थों ने कीर्तन कर संगतों को निहाल किया। वहीं संगतों के समक्ष गुरु यश का गायन कर सिख इतिहास से अवगत कराया। संगत गुरुद्वारा टिब्बी साहिब भी गई।
जहां गुरुद्वारा साहिब के आस-पास निहंग सिंहों ने डेरा डाला हुआ है। जिसे वहां भी मेले जैसा माहौल बना हुआ है। गौरतलब है कि 15 जनवरी को गुरुद्वारा तंबू साहिब में संगतों को अमृत संचार भी कराया जाएगा। गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब में कीर्तन समागम चलता रहेगा। साथ ही शहर में भव्य नगर कीर्तन सजाया जाएगा। जिसके साथ ही रवायती तौर पर मेला माघी संपन्न हो जाएगा। 15 जनवरी को ही निंहग सिंहों की ओर से महला भी निकाला जाएगा। जिसमें हाथी-घोड़ों पर सवार निहंग सिंह हथियारों से लैस होकर अपने शोर्य का प्रदर्शन करेंगे।
मेले के चलते संगतों के स्वागत में शहरवासियों की ओर से विभिन्न प्रकार के अटूट लंगर चलते रहे। मेले में भीड़ के चलते श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन की ओर से सख्त सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस मुलाजिम ड्यूटी पर तैनात नजर आ रहे हैं।