हलवारा। सराभा गांव मे शनिवार रात गुरुद्वारा श्री नानक दरबार सद्दा पत्ती में एक नौजवान ने मर्यादा भंग कर बेअदबी करने की कोशिश की, लेकिन अरदास के बाद श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का सुख आसन हो जाने के कारण एक बड़ी घटना होने से बच गई। मौके पर ही गुरुद्वारा साहिब के सेवादारों ने आरोपी को पकड़ लिया और थाना जोधां की पुलिस के हवाले कर दिया गया।
शहीद करतार सिंह सराभा के पुश्तैनी घर के सामने स्थित इस गुरुद्वारा साहिब में हुई घटना के बाद से सिख संगत में रोष है। वहीं पुलिस को आरोपी के मानसिक तौर पर परेशान होने के सबूत मिले हैं। यहीं नहीं कुछ दिन पहले उसने अपनी मां से भी मारपीट की थी।
30 वर्षीय आरोपी सतनाम सिंह चमिंडा गांव का रहने वाला है। सतनाम शनिवार रात अपनी वरना कार में सराभा गांव आया था। सतनाम ने गुरुद्वारा साहिब में दाखिल होते ही तोड़फोड़ शुरू कर दी। गुरुद्वारा साहिब में चल रहे रेनोवेशन के काम के लिए रक्खे सामान को इधर उधर फेंक दिया। प्रसाद के बर्तन और सिरी साहिब को भी नीचे फेंक दिया। इसके बाद सतनाम ने आगे जाकर माथा भी टेका और इधर उधर कुछ तलाश करने लगा। लेकिन सुख आसन हो जाने के कारण वहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी नहीं थे।
इसके अलावा अन्य कोई पवित्र पोथी या गुटका साहिब भी मौजूद न होने के चलते एक बड़ी घटना होने से बच गई। थाना जोधां की प्रभारी ट्रेनी आईपीएस अधिकारी जसरुप कौर बाठ ने बताया कि गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी बलबीर सिंह की शिकायत पर आरोपी सतनाम सिंह के खिलाफ धारा 295 और 511 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। सतनाम सिंह की मेडिकल जांच के बाद उसे अदालत में पेश किया जायेगा।
आरोपी सतनाम के मानसिक परेशान होने के कुछ मेडिकल सुबूत मिले हैं, जिन्हें जांचा जा रहा है और माहिर डॉक्टर की राय भी ली जा रही है। उन्होंने बताया कि करीब एक हफ्ता पहले सतनाम के खिलाफ उसकी मां महिंदर कौर ने मारपीट की शिकायत की थी। जिसके बाद राजीनामा होने के बाद शिकायत का निपटारा कर दिया गया था। गांव चमिंडा के कुछ लोगों ने बताया कि सतनाम सिंह के पिता सिकंदर सिंह की मौत हो चुकी है। बहन की शादी हो जाने के कारण सतनाम अपनी मां महिंदर कौर के साथ रहता है।
एक महीना पहले तक सब ठीक था। सतनाम रोज गुरुद्वारा साहिब माथा टेकने भी जाता था, लेकिन कपड़े और सिलाई के कारोबार में घाटा पड़ने के बाद से वह मानसिक तौर पर परेशान रहने लगा था। उसका इलाज भी चल रहा था। जोधां कस्बे में स्थित कपड़े और सिलाई की दुकान से कारीगर भी चले गये थे। काम ठप हो जाने के कारण सतनाम परेशान हो गया था। गांव के लोगों के मुताबिक उसपर काफी कर्ज भी हो गया था, जिसके चलते उसकी कार बिकने तक नौबत आ चुकी थी।