आज साइंस ने चाहे कितनी भी तरक्की कर ली हो लेकिन पानी, हवा या फिर भूमि को किसी फैक्ट्री में तैयार नहीं जा सकता है। पर्यावरण को बचाने के लिए आम लोगों, सरकार व साइंटिस्ट को पहल करनी होगी। तभी हम इस धरती को बचा सकेंगे। यह विचार नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के चेयरपर्सन व जस्टिस आदर्श कुमार गोयल ने व्यक्त किए।
वह शुक्रवार को पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में प्रदूषण पर आयोजित वर्कशॉप में शिरकत करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि लुधियाना पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल से बात हुई तो पूछा कि आप लॉ एंड आर्डर को मेनटेन रखने का काम करते हो, अपराधियों को पकड़ सकते हो, जो पर्यावरण की हत्या कर रहे है, क्या उन्हें पकड़ सकते हो। पर्यावरण की सुरक्षा न होने से लाखों लोग मर रहे हैं। अगर दस लाख लोग मर रहे हैं, इसके जिम्मेदार दस लोगों को पकड़ा जा सकता है। क्योंकि अभी सजा का सिस्टम कामयाब नहीं है।
73 फीसदी सीवरेज को एसटीपी के जरिए निवारण करना बेहद महंगा व लंबी प्रक्रिया है। देश में 122 शहर बड़े पैमाने पर दूषित है, और 100 दूषित इंडस्ट्रियल कलस्टर है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण की रोकथाम के लिए अब सख्त कदम उठाए हैं। इसमें किसी एक व्यक्ति के काम करने से कुछ नहीं होगा, जब तक सभी मिलकर काम नहीं करेंगे।
वातावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि आज प्रदूषण हमारी एक बड़ी समस्या है। अदालत ने इस पर सख्त फैसला लिया है, जोभी प्रदूषण फैलाएगा उस पर सख्त कार्रवाई होगी। प्रदूषण के मुद्दे पर लुधियाना नगर निगम की कोई भी गलती सामने आएगी, उसमें किसी स्तर का अफसर शामिल क्यों ना हो छोड़ा नहीं जाएगा।
अवेयरनेस कार्यक्रम में लुधियाना मेयर के शामिल ना होने पर भी उन्होंने कहा कि ये उनका निजी फैसला है। इस मौके पर जस्टिस प्रीतम पाल, पीएयू के वाइस चांसलर डा. बलदेव सिंह ढिल्लों, पीपीसीबी के चेयरमैन सतविंदर सिंह मरवाहा, आयकर विभाग के चीफ कमिश्नर बीके झा, डीसी प्रदीप अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल, निगम कमिश्नर केपी बराड़, पार्षद ममता आशु सहित कई गणमान्य मौजूद थे।