संवाद न्यूज एजेंसी
संगरूर। रोजगार की खातिर रविवार को ईटीटी टेट पास बेरोजगार अध्यापक यूनियन 5994 के वर्कर हाथों में हरे पैन उठाए सीएम निवास के सामने पहुंचे। जहां पहले से तैनात पुलिस के साथ उनकी धक्का-मुक्की हो गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
रोष प्रदर्शन का नेतृत्व करते यूनियन नेता सुरिंदरपाल सिंह गुरदासपुर और गुरप्रीत गोपी ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चुनाव समय कहा था कि सत्ता में आने पर नौजवानों की अपनी सरकार बनेगी और सबसे पहले हरा पैन बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए चलेगा, लेकिन सत्ता में आए करीब दो साल हो चुके हैं, लेकिन उन्हें रोजगार नहीं मिला। रोजगार की मांग करने पर बेरोजगारों से पुलिस रोजाना धक्का-मुक्की करती है। बेरोजगार मानसिक परेशानी झेल रहे हैं। उन्होंने मांग की कि प्रदेश सरकार बेरोजगारों को रोजगार दे और नियुक्तिपत्र देकर स्कूलों में भेजा जाए। उन्होंने कहा कि रोजगार की खातिर उनके दो साथी मनदीप फाजिल्का और राजकुमार अबोहर पिछले ेदस दिनों से सिविल अस्पताल में स्थित पानी की टंकी पर चढ़े हुए हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक नहीं कोई सुध नहीं ली। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें जल्द रोजगार न दिया गया तो आगामी दिनों में वह कोई बड़ा कदम उठाएंगे।
इस मौके पर बलविंदर काका, रमन फिरोजपुर, गुरप्रीत बाजवा, कमल समाओ, सुरिंदर, सरबजीत सिंह, कर्मजीत कौर सहित बड़ी तादाद में बेरोजगार अध्यापक मौजूद थे।
कंप्यूटर अध्यापकों-पुलिस के बीच धक्का मुक्की
संगरूर। पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे कंप्यूटर अध्यापकों ने रविवार को यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरविंदर सिंह तरनतारन की अगुवाई में सीएम निवास का घेराव किया और इस दौरान प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच धक्का मुक्की हो गई।
इस मौके पर संबोधित करते अध्यक्ष गुरविंदर सिंह तरनतारन ने कहा कि बेशक 2011 में कंप्यूटर अध्यापकों को शिक्षा विभाग अधीन बनी पिकटस सोसाइटी में नियुक्तिपत्रों के मुताबिक पंजाब सिविल सर्विस सेवाएं नियमों तहत रेगुलर कर दिया था, लेकिन अभी तक पंजाब सिविल सर्विस सेवा नियम पूर्ण रूप में कंप्यूटर अध्यापकों पर लागू नहीं किए। इस बाबत पंजाब सरकार से कई बैठकें हो चुकी हैं, जिसमें हर बार उन्हें झूठा आश्वासन दिया जा रहा है।
फोटो:29एसजीआरपी01:संगरूर में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई धक्का-मुक्की की तस्वीर।