लुधियाना। अब एकबार फिर से देश की सीमा की रक्षा में तैनात डॉग टायसन सरहद पर दिखाई देगा। जी हां, टायसन को सीमा सुरक्षा बल के साथ गुरदासपुर बॉर्डर पर तैनात किया गया था। उसे बीमारी के कारण गुरु अंगद देव वेटरनरी यूनिवर्सिटी (गडवासू) में भर्ती करवाया गया था और अब इस अस्पताल से उसको नया जीवनदान मिल गया है।
गौरतलब है कि टायसन पहले 170 वीं बटालियन के साथ सीमा पर पहरा देता था। वह वर्ष 2019 से 58वीं बटालियन के साथ गुरदासपुर बॉर्डर पर तैनात था। टायसन की मुस्तैदी की वजह से ही कुछ माह पहले भारत पाक सीमा पर घुसपैठियों को काबू किया गया था। बीते कुछ दिनों से बीमार होने की वजह से उसे गडवासू में उपचार के लिए लाया गया था। यहां उसका डायलिसिस किया गया। जिससे उसको नया जीवन मिला है।
सहायक प्रोफेसर रणधीर सिंह ने बताया कि टायसन को काफी गंभीर हालत में यूनिवर्सिटी के वेटरनरी अस्पताल लाया गया था। उसकी नाजुक हालत देखते हुए उसका डायलिसिस शुरू किया गया था। जांच के दौरान पाया गया कि उसके शरीर में क्रिएटिनिन और फास्फोरस में काफी असंतुलन था। शरीर में यूरिया की मात्रा बढ़ने से हालत गंभीर हो जाती है। डायलसिस करने के बाद वह गंभीर हालत से बाहर आ चुका है। पशु अस्पताल के निदेशक डॉक्टर स्वर्ण सिंह रंधावा ने बताया कि जानवरों की डायलिसिस करने की सुविधा उत्तर भारत में उनके अस्पताल में है।