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Ludhiana: मर्चेंट नेवी का अफसर निकला मनी एक्सचेंजर की हत्या का मास्टर माइंड, दो महीने की थी रेकी

Sat, 15 Apr 2023 05:56 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)

सार

आरोपियों ने इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए जो वाहन इस्तेमाल किए थे वह चोरी के थे। इस माले में पुलिस ने सिधवां बेट इलाके में रहने वाली कुलदीप कौर, मंदीप सिंह उर्फ मन्ना को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि गुरदासपुर के गांव बहिलोरपुर का रहने वाला जोबनजीत सिंह अभी फरार है।
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लुधियाना में कारोबारी की हत्या। - फोटो : फाइल
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विस्तार
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लुधियाना में मनी एक्सचेंजर और जूता कारोबारी मंजीत सिंह की हत्या के चार दिन बाद आखिरकार कमिश्नरेट पुलिस ने इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर ही लिया। पुलिस ने इस हत्याकांड को अंजाम देने के आरोप में एक महिला सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। दो आरोपियों ने कारोबारी मंजीत सिंह की हत्या कर पैसे लूटे थे और महिला कार में आरोपियों को लेकर वहां से फरार हो गई थी।
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आरोपियों ने इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए जो वाहन इस्तेमाल किए थे वह चोरी के थे। इस माले में पुलिस ने सिधवां बेट इलाके में रहने वाली कुलदीप कौर, मंदीप सिंह उर्फ मन्ना को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि गुरदासपुर के गांव बहिलोरपुर का रहने वाला जोबनजीत सिंह अभी फरार है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 34.35 लाख रुपये की नकदी, दो स्विफ्ट डिजायर कार, एक्टिवा स्कूटर और वारदात में इस्तेमाल किया गया एक सुआ भी बरामद कर लिया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर फरार चल रहे आरोपी जोबनजीत सिंह की तलाश में जुटी है।
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मनी एक्सचेंजर और जूता कारोबारी मंजीत सिंह से लूट की प्लानिंग कोई एक दो या चार दिन की नहीं थी बल्कि इसकी पूरी स्क्रिप्ट लिखी गई थी। यह सारी प्लानिंग मर्चेंट नेवी में ऑफिसर रह चुके मुख्य आरोपी जोबनजीत सिंह ने की थी। उसी ने मंजीत सिंह के पास पैसे देख कर उसे लूटने की योजना तैयार की। 

इस लूट की पूरी वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी ने पूरे दो महीने का समय लगाया। इसके लिए उसने अपना सारा कारोबार और अपना गांव तक छोड़ रखा था ताकि मोटा हाथ मार कर वह आराम से जिंदगी जी सके। इसके लिए उसने अपनी पूर्व पत्नी कुलदीप कौर और उसके साथी मंदीप सिंह उर्फ मन्ना को साथ मिलाया। जोबनजीत सिंह मर्चेंट नेवी में विशाखापट्नम में पोस्टेड था। सूत्र बताते है कि वहां कोई विवाद था तो उसे वहां से निकाल दिया गया था। वह सस्पेंड था या फिर बर्खास्त किया जा चुका था, इस बारे में अभी कोई खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस का कहना है कि उसके गिरफ्तार होने के बाद ही पूरी कहानी पता लगेगी। 

जोबनजीत सिंह और आरोपी कुलदीप कौर की शादी हुई थी। कुलदीप कौर की तीसरी और जोबनजीत की दूसरी शादी थी, लेकिन दोनों के बीच भी विवाद हो गया और फिर वे अलग हो गए। दोनों के खिलाफ थाना जगरांव में एक मामला दर्ज हुआ था। इसी कारण दोनों एक दूसरे के साथ संपर्क में थे और काम भी इकट्ठे ही कर रहे थे।

करंसी बदलवाने गया तो काउंटर पर पैसे देख हो गई थी नीयत खराब
जोबनजीत सिंह और उसकी पूर्व पत्नी कुलदीप कौर वैले पार्किंग का कारोबार करते थे। किसी मैरिज पैलेस या फिर किसी जगह कोई समारोह होता तो वहां वैले पार्किंग उनकी होती थी। आरोपी जोबनजीत सिंह क्रीमपुरा बाजार स्थित मंजीत सिंह की वरैटी शू स्टोर में अमेरिकन और कैनेडियन करंसी का रेट पता कर उसे चेंज कराने गया था। इसी दौरान मंजीत सिंह के टेबल पर लाखों रुपये की नकदी पड़ी थी। जिसे देख कर जोबनजीत सिंह की नियत खराब हो गई। पहले तो जोबनजीत ने सोचा कि वह हवाला का कारोबार करता है, लेकिन पता किया गया तो पता चला कि मंजीत सिंह का बड़े स्केल पर मनी एक्सचेंज का कारोबार है। जिसके बाद उसने मंजीत सिंह को लूटने की योजना तैयार करनी शुरु कर दी। उसने इसके लिए अपनी पूर्व पत्नी कुलदीप कौर को सारी कहानी बताई और उसने मंदीप सिंह को भी साथ मिला लिया।

दो महीने से होटल में रह रहा था जोबनजीत सिंह
जोबनजीत सिंह गुरदासपुर के गांव बहिलोरपुर का रहने वाला है। मंजीत सिंह को लूटने के लिए उसने रेकी करनी थी तो उसने 16 फरवरी को महानगर के रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में कमरा लिया। दो महीने से आरोपी जोबनजीत सिंह वहीं रह रहा था। वह सारी रेकी कर रहा था कि मंजीत सिंह कितने बजे दुकान खोलता है। जब दुकान खोलता है तो कौन कौन मौजूद रहता है। पूरे रास्ते चेक किए गए। यह भी चेक किया गया कि मंजीत सिंह क्या क्या सामान कैसे लाता है। उसके बाद रात को दुकान बंद कितने बजे करते है और दुकान में सारा दिन क्या क्या होता है। जोबनजीत ने यह भी रेकी की थी कि मंजीत सिंह रात को बैग कौन सा लेकर जाता है और कैसे किस रास्ते से जाता है। इस काम में दो महीने का समय लगा। दस अप्रैल को आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए जो एक्टिवा का इस्तेमाल किया था वह डिविजन तीन इलाके से तीन दिन पहले ही चोरी की थी।

पड़ोसी की गाड़ी लाई थी आरोपी कुलदीप कौर
पुलिस जांच के दौरान पता चला था कि एक स्विफ्ट कार में आरोपी फरार हुए है। सूत्र बताते है कि पुलिस के पास कार का नंबर आ गया था। जिसके बाद कार मालिक तक पुलिस पहुंच गई। जिसके बाद पता चला कि कार कोमलप्रीत नाम के व्यक्ति की है। उसने दस अप्रैल को कार अपनी पड़ोसी कुलदीप कौर को दी थी। जिसके बाद पुलिस के हाथ लीड लगी और पुलिस ने आरोपी कुलदीप कौर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इस हत्याकांड में करीब पचास से ज्यादा लोगों से पूछताछ की और कुलदीप कौर को गिरफ्तार कर उसके साथी मंदीप सिंह को गिरफ्तार किया गया। पुलिस को जोबनजीत सिंह का पता चला तो वह दिल्ली की तरफ फरार हुआ। पुलिस ने दिल्ली तक आरोपी जोबनजीत का पीछा किया, लेकिन वह वहां से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस कमिश्नर का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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