लुधियाना। दिवाली के मौके पर लुधियाना के बाजार में जाना है तो पैदल ही चले जाना। वाहन लेकर गए तो हो सकता है कि आपको यहां से निकलने में एक घंटे से ज्यादा का समय लग जाएगा। जी हां, दो दिन बाद दिवाली है और शहर का ट्रैफिक जाम है। ट्रैफिक पुलिस का दावा है कि लुधियाना को ट्रैफिक जाम फ्री सिटी बनेगा पर जो नजर आ रहा है उसमें सिर्फ जाम में फंसे वाहन ही हैं। पुलिस अधिकारियों के दावे सिर्फ कागजों में दबकर ही रह गए हैं।
अब तो लुधियाना के जिन इलाकों में ट्रैफिक जाम नहीं होता था वहां से भी वाहनों का निकलना मुश्किल है। ट्रैफिक पुलिस कई इलाकों में नजर नहीं आ रही। कुछ जगहों पर ट्रैफिक जाम इतना है कि मुलाजिम उसे काबू नहीं कर पा रहे। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी प्लानिंग करने तक सीमित हैं। प्लानिंग भी ऐसी कि लागू होने में लंबा वक्त लग रहा है। महानगर के प्रमुख बाजारों की बात की जाए तो कुछ न कुछ दुकानदारों का भी कसूर है। दुकान दार अपनी दुकानों के आगे जरुरत से ज्यादा जगह घेरे हुए है और ऊपर से उनके पास आने वाले ग्राहक सड़क के बीचों बीच वाहन पार्किंग लगा देते है। जिस कारण जाम की स्थिति ओर भी खराब हो जाती है।
क्या कहते है नवनियुक्त एडीसीपी ट्रैफिक
नवनियुक्त एडीसीपी ट्रैफिक संदीप शर्मा ने बताया कि कोविड की वजह से पिछली बार लोग दिवाली अच्छे ढंग से नहीं मना पाए थे। सरकार की तरफ से इस बार आदेश है कि रेहड़ी फड़ी वालों को परेशान न किया जाए। शहर में ट्रैफिक जाम उन रेहड़ी फड़ी वालों और दुकानदारों की वजह से लगा हुुआ है जो सड़क के बीच है और दुकानदारों ने सामान आगे बढ़ा कर लगाया हुआ हैं। कुछ इलाकों में नई सड़कें बन रही है जिस कारण जाम की स्थिति बनी हुई है। बाकी हर जगह पर टीमें लगाई हुई है जो ट्रैफिक कंट्रोल करने में लगी है। इसके साथ साथ पीसीआर मुलाजिम भी ड्यूटी निभा रहे है और उसके साथ साथ थाने और चौकियों के पुलिस मुलाजिम भी अपनी ड्यूटी ट्रैफिक जाम निकालने में लगे हुए है।
शहर की आबादी-पचास लाख
शहर में ट्रैफिक पुलिस-225 मुलाजिम
यहां पर लगता है जाम
चौड़ा बाजार, कुमार मंडी, जवाहर नगर कैंप, मॉडल टाउन मार्किट, भाई रंधीर सिंह नगर, हैबोवाल, समराला रोड, समराला चौक, बस्ती जोधेवाल चौक, दरेसी इलाका
जाम की कुछ वजह
दुकानदारों द्वारा बाहर तक सामान लगाना
बाजारों में खरीदारी के दौरान रांग पार्किंग
पुलिस के कर्मचारियों का मौजूद न होना