लुधियाना की 14 विधानसभा सीटों के लिए 175 उम्मीदवारों की किस्मत रविवार को ईवीएम में बंद हो गई। जिसके बाद अब उम्मीदवार अपनी जीत का दावा कर रहे है। महानगर में 14 विधानसभा सीटों के लिए 26 लाख 93 हजार 131 वोटर है। जिनमें से 17 लाख नौ हजार साठ वोट पड़ी। जिसमें 63 प्रतिशत वोट पड़ी और देर शाम तक एक दो मामलों को छोड़कर बाकी का मतदान शांति से निपट गया। महानगर की सबसे हॉट सीट कहे जाने वाली आत्मनगर हल्के में पूरी तरह से शांति बनी रही।
आत्म नगर हलके और साउथ हलके में पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर और डिप्टी कमिश्नर वरिंदर कुमार शर्मा की अगुवाई में फ्लैग मार्च निकाला गया। इसके अलावा भी शहर के दोनों प्रमुख अधिकारी शहर की सड़कों पर घूमते रहे। महानगर की 14 विधानसभा सीटों के लिए 175 उम्मीदवार मैदान में थे।
प्रशासन की तरफ से 2965 पोलिंग बूथ बनाए थे। जिनमें से 778 बूथ संवेदनशील और अति संवेदनशील की कैटेगिरी में थे। हर विधानसभा इलाके में एक सखी बूथ बनाया गया था। जिसमें सारा रंग पिंक रखा गया था। इस बूथ पर सारा पोलिंग स्टाफ महिलाओं का रखा गया था। जिसमें यह संदेश दिया गया कि महिलाएं किसी से कम नहीं है। प्रशासन की तरफ से पैरामिलिट्री फोर्स की 82 कंपनियां लगाई गई थी।
हलका सेंट्रल, आत्म नगर और साउथ में सौ प्रतिशत पैरामिलिट्री फोर्स लगाई गई थी। इसके अलावा जहां जरुरत थी वहां पैरामिलिट्री फोर्स को लगाया गया था। प्रशासन की कोशिश थी कि पूरा चुनाव शांतिपूर्वक निपट जाए। जिसके लिए देर शाम तक पुलिस कमिश्नर और डीसी खुद सड़कों पर रहे और लोगों से अपील करते रहे कि वह वोटिंग के लिए बाहर निकलें और वोट करें।
कई उम्मीदवार नहीं डाल सके वोट
जिले में जो प्रत्याशी अपने लिए वोट मांगते रहे, वह खुद के लिए वोट नहीं कर सके। कई ऐसे प्रत्याशी है जिनके घर अपने इलाके में नहीं है। उनके में कई दिग्गज शामिल है। वह खुद के बजाय अपने साथी को वोट दिया। दिग्गजो में सबसे ऊपर नाम कांग्रेस विधायक राकेश पांडे का है, जो छह बार से विधायक हैं। वहीं सुरिंदर डावर हलका सेंट्रल से उम्मीदवार है और उनका वोट हलका पश्चिमी है। गुरदेव शर्मा देबी भाजपा की तरफ से हलका सेंट्रल से प्रत्याशी हैं और हलका गिल में उन्होंने मतदान किया। हलका पूर्वी के विधायक संजय तलवाड़ का वोट हलका सेंट्रल में है।
पोलिंग स्टेशन पर थी डीसी और पुलिस कमिश्नर की निगाहें
विधानसभा चुनाव के दौरान किसी पोलिंग स्टेशन पर कोई अनचाही घटना न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने खास इंतजाम कर रखा था। हर पोलिंग स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जा रही थी। इसके लिए विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया था और पोलिंग स्टेशन पर लगे कैमरों को कॉमन कंट्रोल रूम से जोड़ा गया था। डिप्टी कमिश्नर वरिंदर शर्मा और पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर खुद कंट्रोल रूम में बैठकर सभी पोलिंग स्टेशनों पर नजर रख रहे थे और अपने मातहत अधिकारियों से पल-पल की जानकारी ले रहे थे। अति संवेदनशील और संवेदनशील बूथों पर खास नजर रखी जा रही थी और किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए रैपिड एक्शन टीमें एक्टिव मोड पर थी।