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सुखबीर की चेतावनी : विधानसभा चुनाव के रिपोर्टकार्ड के आधार पर मिलेगी नगर निगम चुनाव की टिकट

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लुधियाना। पंजाब विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए हर पार्टी ने रणनीति तैयार कर ली है। कई पार्टियों ने रणनीति में ऐसा बदलाव किया है कि हर वर्कर को अपनी मेहनत करनी ही पड़ेगी। शिरोमणि अकाली दल बादल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने कुछ समय पहले लुधियाना दौरे के दौरान सभी उम्मीदवारों के साथ मीटिंग की और फीडबैक लिया। उसके बाद सुखबीर ने सीधे तौर पर चेतावनी दे दी विधानसभा चुनाव में जिसका रिपोर्ट कार्ड सही होगा, उसे ही आने वाले नगर निगम चुनाव में पार्षद का टिकट मिलेगा। सुखबीर के इस एलान के बाद नगर निगम चुनाव लड़के का इच्छुक हर नेता और वर्कर एड़ी चोटी का जोर लगा रहा है, ताकि विधानसभा चुनाव में जो उम्मीदवार खड़ा है, उसे जिताया जा सके। लुधियाना की 14 सीटों में से लुधियाना शहर की छह विधानसभा सीटें है। इसके अलावा साहनेवाल से कुछ हिस्सा नगर निगम में आता है। जिस पर सुखबीर ने नगर निगम चुनाव लड़ने वाले नेताओं की ड्यूटी लगा दी है। अब सुखबीर के एलान के बाद यह तरीका कितना कारगर होगा, यह देखने वाली बात रहेगी।
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लुधियाना में 14 विधानसभा हलके हैं, जिनमें से छह शहर के हैं और साहनेवाल के साथ-साथ गिल हलके का कुछ हिस्सा नगर निगम के तहत आता है। महानगर में नगर निगम के चुनाव अगले साल 2023 में होने हैं। नगर निगम का कार्यकाल पूरा होने में अभी एक साल है। इस बार अकाली दल भाजपा से अलग होकर चुनाव लड़ रहा है। अकाली दल को देहाती वोट बैंक पर ज्यादा दिक्कत नहीं है, लेकिन शहरी सीटें जो अक्सर भाजपा के पास रहती थीं, वहां से भी इस बार अकाली उम्मीदवार खड़े हैं। शहरों में अकाली दल का प्रभाव थोड़ा कम है। जिस कारण अकाली दल को दिक्कत आ रही है। सुखबीर सिंह बादल ने जिले में चुनाव स्थिति का जायजा लेने के लिए बैठक का आयोजन किया था। इस दौरान सभी बड़े नेताओं समेत सभी उम्मीदवारों से फीडबैक लिया गया, जिसमें स्थिति बेहद नाजुक दिखी। इसी दौरान शिअद के पुराने नेताओं ने सलाह दी कि पार्षद चुनाव लड़ने के इच्छुक नेताओं को आगे लाना होगा। इसलिए यह एलान किया गया है। इस बात की पुष्टि करते हुए लुधियाना-पश्चिम से चुनाव लड़ रहे पार्टी के सीनियर नेता महेशइंद्र सिंह ग्रेवाल ने की और कहा कि दो मुद्दों पर चर्चा हुई है। पहला यह कि सत्ता में आने के बाद पार्टी के अधिक कार्यकर्ताओं को समायोजित करने के लिए वार्डों की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि ध्यान केंद्रित किया जा सके। वार्डों पर यह भी चर्चा हुई कि विधानसभा चुनाव लड़ने वाले उन योग्य कार्यकर्ताओं के नाम की सिफारिश करेंगे, जो निगम चुनाव लड़ सकते हैं।
उम्मीदवारों का प्रचार नहीं कर रहे थे स्थानीय नेता
लुधियाना में विधानसभा क्षेत्र आत्मनगर और साउथ में बैंस बंधु चुनाव लड़ते हैं और जीतते भी हैं। वह हर वार्ड में अपने समर्थकों को पार्षद चुनाव टिकट का वादा करके उनसे सहयोग ले रहे हैं। इसी तरह कांग्रेस के नेता भी टिकट देने का वादा कर रहे थे। मगर शिअद में टिकट पार्टी अध्यक्ष से मिलने को लेकर असमंजस था, इस कारण पार्टी के वार्ड स्तर के नेता बाहर निकल ही नहीं रहे थे। अकाली नेता जगबीर सिंह सोखी कहते हैं कि यह समस्या आत्मनगर क्षेत्र में सबसे ज्यादा आ रही थी। कई कार्यकर्ताओं ने पार्टी उम्मीदवार हरीश राय ढांडा से इस तरह का आश्वासन मांगा था। ढांडा एक ईमानदार नेता हैं और वह कभी झूठे वादे नहीं करते हैं। इसलिए इस समय यह महत्वपूर्ण है कि उम्मीदवारों को अधिक शक्ति दी जानी चाहिए, ताकि वे एमसी चुनाव के लिए संभावित नाम की सिफारिश कर सकें।
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