-लैंड पूलिंग पॉलिसी का विरोध, कहा- पंजाब की उपजाऊ जमीन बचाने के लिए करेंगे संघर्ष
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संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। गांव जोधा की अनाज मंडी में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के नेतृत्व में वीरवार को जमीन बचाओ रैली में पंजाब के कोने-कोने से किसान बड़ी संख्या में पहुंचे और सरकार की लैंड पूलिंग पॉलिसी के खिलाफ प्रदर्शन किया।
किसान नेताओं ने कहा कि यह नीति पंजाब की उपजाऊ जमीन को कॉरपोरेट घरानों को कौड़ियों के भाव देने की साजिश है। यह हमला 1947 की तरह पंजाब को उजाड़ने की कोशिश है। रैली में एलान किया गया कि रैली में 16 अगस्त को बाबा बकाला (अमृतसर) में एक और बड़ा इकट्ठ होगा और 25 अगस्त को दिल्ली में देशभर की किसान यूनियनें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगी। किसान नेताओं ने कहा कि बोले कि अब किसान तय कर चुके हैं कि एक इंच जमीन भी सरकार को जबरदस्ती नहीं लेने दी जाएगी और कोई भी किसान विरोधी नीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल व अन्य नेताओं ने कहा कि सरकार जिस 65 हजार एकड़ से अधिक जमीन पर कंक्रीट के जंगल बसाने की योजना बना रही है वह पंजाब और देश के करोड़ों लोगों के अन्न की आपूर्ति का जरिया है। इस जमीन पर फसलें होती हैं जिनसे लाखों लोगों का जीवन चलता है। यदि यह योजना लागू होती है तो इससे भुखमरी के हालात पैदा होंगे और लोग आर्थिक रूप से इतता टूट जाएंगे कि वे कभी अपने हक के लिए आवाज नहीं उठा सकेंगे।
किसान नेताओं ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले भी सरकारों ने किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया था लेकिन आज तक उन्हें न तो मुआवजा मिला और न ही प्लॉट दिए गए। कई किसान अपनी बेटियों की शादी तक नहीं कर पाए और उन्हें सुरक्षा गार्ड या रेहड़ी लगाने जैसे काम करने पड़ रहे हैं। इस संघर्ष को उन्होंने आने वाली नस्लों के भविष्य की लड़ाई बताया।
डल्लेवाल ने कहा कि 19 मार्च को जब केंद्र सरकार ने आंदोलन तुड़वाया था तो उसे यह भ्रम हो गया था कि अब किसान सिर नहीं उठाएंगे लेकिन अब फिर एकजुट होकर किसान इसका जवाब दे रहे हैं। केंद्र की ओर से फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करने और पंजाब सरकार की ओर से लैंड पूलिंग नीति लागू करने से किसानों में भारी आक्रोश है।
पुरानी मांगों के लिए भी जारी रहेगा संघर्ष
उन्होंने यह भी दोहराया कि एमएसपी गारंटी कानून लागू करना, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू कराना, सभी कर्ज माफ कराना, 2013 भूमि अधिग्रहण कानून की बहाली, आंदोलन के दौरान दर्ज केस वापस कराना, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट रद्द कराना और लखीमपुर खीरी के पीड़ितों को न्याय दिलाना अब भी आंदोलन की प्रमुख मांगें हैं और इनके लिए संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर जगजीत सिंह डल्लेवाल, काका सिंह कोटड़ा, बलदेव सिंह सिरसा, इंद्रजीत पन्नीवाला, राजबीर सिंह, अनिल तालान, वेंकटेश्वर राव, पीआर पांडियन, हरिकेश कबरचा, गुरदास सिंह, जरनैल सिंह, अभिमन्यु कोहाड़, हरसुलिंदर सिंह, सुखपाल डफर, अमरजीत सिंह रड़ा, जसवीर सिंह, मान सिंह, मेहर सिंह और सुपिंदर सिंह आदि ने किसानों को संबोधित किया।
फोटो: अमन अरोड़ा ने नहीं दिए किसानों के सवालों के जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। अमृतसर के कस्बा कथूनंगल के एक पैलेस में वीरवार को किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के कार्यकर्ताओं ने आम आदमी पार्टी अध्यक्ष अमन अरोड़ा के खिलाफ प्रदर्शन किया।किसान नेता सरवण सिंह पंधेर और जिला अमृतसर अध्यक्ष रणजीत सिंह कलेर बाला ने दावा किया कि अमन अरोड़ा किसानों के सवालों के जवाब दिए बिना ही चले गए। किसान सड़क के किनारे बैठे थे लेकिन आप अध्यक्ष ने रास्ता बदल दिया और दूसरी तरफ से पैलेस में प्रवेश किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी पुलिस के साथ धक्का-मुक्की के बाद पैलेस के गेट तक पहुंच गए। किसानों ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम खत्म होने के बाद अमन अरोड़ा उनसे बिना मिले ही चले गए। किसान नेताओं ने कहा कि अगर लैंड पूलिंग नीति में विकास की कोई गुंजाइश होती तो आप अध्यक्ष आज किसानों के सवालों का जवाब देते। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इन मुद्दों का समाधान नहीं करती और नीति को वापस नहीं लेती तो आने वाले दिनों में और भी बड़े विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।