उन्होंने आते ही ईंट-पत्थर बरसाना शुरू कर दिया और गाड़ियां तोड़नी शुरू कर दी। जब तक वह कुछ समझ पाते हमलावरों ने उन्हीं पर सीधी गोलियां चलाने लगे। उन्होंने किसी तरह से अपनी जान बचाई। उन्होंने कहा कि जिस वक्त हमला हुआ, उस समय पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे, जिनके सामने यह सारा वाकया हुआ है।
उन्होंने कहा कि जैसे स्मैक के नशे वाले बंदे का नशा खत्म होता है तो वह मरीज तड़पता है, वैसे ही बैंस अपनी हार को देखकर बौखलाहट में हैं। इस कारण वह तड़प रहे हैं। कड़वल ने आरोप लगाया कि उनकी गाड़ियां तोड़ी और यहां तक की गोली चलाई। उनके समर्थकों की गाड़ियां तोड़कर वह फरार हैं।
वह पुलिस से मांग कर रहे हैं कि बनती कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि वह किसी बात से डरते नहीं हैं और पूरा मुकाबला करते हैं। कड़वल समर्थकों ने कहा कि मीटिंग चल रही थी इसी दौरान पीछे से अचानक हमला किया गया। इस दौरान सिमरजीत सिंह बैंस के साथ-साथ उनका बेटा और साथी पार्षद भी थे।
20 मिनट तक बवाल, माहौल तनावपूर्ण, पुलिस बल तैनात
आत्मनगर इलाके में बैंस और कड़वल समर्थकों में हुई भिड़ंत में 20 मिनट तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। ईंट-पत्थरों से लग्जरी गाड़ियां तोड़ी गईं। पुलिस बल की मौजूदगी में हुए हमले से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिसवाले वीडियो बनाते रहे। इसके आधार पर ही आरोपियों की पहचान की जा रही है। फिलहाल कई थानों की फोर्स इलाके में तैनात है। दूसरी ओर, सिमरजीत बैंस ने घटना के बाद अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। इस कारण उनसे संपर्क ही नहीं हो पाया।
क्या कहते हैं अधिकारी
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर रूरल रवचरण सिंह बराड़ ने बताया कि आरोप लगाया गया है कि सिमरजीत सिंह बैंस और उनके बेटे के साथ आए लोगों ने पत्थर और गोलियां चलाई हैं। जांच की जा रही है जो कार्रवाई होगी वह की जाएगी।