लुधियाना। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के शपथ लेने के बाद अब पंजाब के कई नेताओं की नजर मंत्रिमंडल पर हैं। इसी होड़ ने सबकी दौड़ चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक लगवा दी है। महानगर लुधियाना भी इससे पीछे नहीं है। लुधियाना से कांग्रेस के पांच विधायक हैं। भारत भूषण आशु, राकेश पांडे, सुरिंदर डाबर, संजय तलवार और कुलदीप वैद का नाम शुमार है। इसमें से भारत भूषण आशु बीते साढ़े चार वर्ष तक कैबिनेट में मंत्री रहे हैं। उनको डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा थी, पर यह पद उनको नहीं मिला।
अब विधायकों में से किसी ने चंडीगढ़ में डेरा जमाया है तो कोई नई दिल्ली में सिफारिश का जुगाड़ कर रहा है। प्रयास यह है कि वह किसी तरह से मंत्री पद हासिल कर सकें। ध्यान रहे कि वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद लुधियाना वेस्ट से दूसरी बार विधायक बने भारत भूषण आशु को कैप्टन ने मंत्रिमंडल में जगह दी तो दूसरे विधायकों ने विरोध जताया। विधायक राकेश पांडे सबसे सीनियर थे। वह छह बार विधायक बन चुके हैं। उनको प्रबल दावेदार माना जा रहा था पर आशु इस मामले में बाजी मार ले गए। लुधियाना से सुरिंदर डाबर का प्रयास भी जारी है। विधायक संजय तलवार को पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू का करीबी माना जाता है और तलवार चंडीगढ़ में डेरा डालकर बैठे हैं। पहली बार विधायक बने आईएएस कुलदीप वैद भी कई दिन से चंडीगढ़ में ही हैं।
मंत्रिमंडल की सूची के इंतजार में समर्थक
लुधियाना में विधायकों के समर्थक अब हाईकमान की तरफ से जारी की जाने वाली मंत्रिमंडल की लिस्ट का इंतजार कर रहे है। राजनीतिक गलियारों में नए मंत्रियों के चेहरों को लेकर बाजार गर्म है। कांग्रेस पार्टी के वर्कर ही नहीं, बल्कि अकाली दल, भाजपा और आम आदमी पार्टी के नेता भी फैसले का इंतजार कर रहे है।