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छब्बीस घंटे बाद निकाले राजस्थान नहर से मृतकों के शव

Sat, 18 Jan 2014 11:06 PM IST
अमर उजाला, मुक्तसर
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गांव भुल्लर के निकट से गुजरती राजस्थान नहर में गिरे कार सवार गांव काउणी के एक ही परिवार के चार सदस्यों के शवों को आखिर शनिवार को दोपहर दो बजे तक कार सहित बाहर निकाल लिया गया। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में कड़ी मशक्कत के बीच गोताखोरों द्वारा करीब 26 घंटे बाद शवों और कार को बाहर निकाला।
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पुलिस को शवों को ढूंढने के लिए बठिंडा से भी गोताखोर मंगवाने पड़े थे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया।

गांव काउणी निवासी गुरभेज सिंह, उसकी पत्नी गगनदीप कौर, गुरभेज की माता बिंदर कौर तथा बेटा नवराज जेन कार में सवार होकर गांव काउणी से मुक्तसर के लिए निकले थे। सभी मुक्तसर के इंपीरियल पब्लिक स्कूल में नवराज का दाखिला कराने जा रहे थे। मगर गांव भुल्लर नहर के पास से गुजरती राजस्थान नहर के पुल पर चढ़ते समय कार अनियंत्रित होने से नहर में जा गिरी थी। यह घटना करीब साढ़े बारह बजे हुई थी। इसके बाद से रात आठ बजे तक पुलिस प्रशासन की हाजिरी में गोताखोरों ने नहर में चारों की तलाश की, लेकिन उनका कुछ पता न चला।

शनिवार सुबह फिर गोताखोरों ने नहर को खंगालना शुरू किया। एडीसी नरिंदर सिंह बाठ, डीएसपी कंवलप्रीत सिंह चहल समेत प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कड़ी मशक्कत के बीच आखिर क्रेनों तथा गोताखोरों की मदद से बाद दोपहर दो बजे के आसपास कार में सवार गुरभेज, गगनदीप, बिंदर कौर तथा नवराज के शवों को निकाला गया।
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भयावह हादसे से उजड़ गया भरापूरा परिवार
गांव भुल्लर स्थित राजस्थान नहर में कार गिरने से गांव काउणी का भरापूरा जिंमीदार परिवार ही उजड़ गया है। कल तक जिस घर में खुशियों का माहौल था, आज वहां मातम और सन्नाटा पसरा दिखाई दिया। कार सवार गुरभेज, उसकी पत्नी गगनदीप, मां बिंदर को क्या मालूम था कि अपने जिस बच्चे नवराज का वे स्कूल में दाखिला करवाने जा रहे हैं वह कभी स्कूल न जा सकेगा और न ही वह चारों अपने इस सफर से कभी वापिस लौट सकेंगे। चारों की मौत से जहां पूरा गांव शोकग्रस्त हो गया है, वहीं परिवार में सिर्फ गुरभेज का छोटा भाई नवतेज ही बचा है। जिसका अभी करीब 25 दिन पहले ही विवाह हुआ है।

घर में अभी विवाह की खुशियों का जश्न थमा भी न होगा कि यह भयावह हादसा हो गया। छह सदस्यों से भरेपूरे इस परिवार में अब सिर्फ नवतेज और उसकी बीवी ही रह हैं। शनिवार को पूरा गांव शोकाकुल और हर आंख नम नजर आ रही थी। सुबह से बाद दोपहर तक गांव भुल्लर में नहर के आसपास गांव काउणी के हजारों लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ नजर आ रहा था। हर आंख नहर के बीचोंबीच शवों को ढूंढ रहे गोताखोरों पर टिकी हुई थी। दोपहर जब करीब दो बजे शव बाहर निकाले जा सके तो शवों को देख पूरा गांव काउणी ही शोक में डूब गया।

मुख्यमंत्री भी पहुंचे घटनास्थल पर
संगत दर्शन कार्यक्रम से निकलते समय मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी घटनास्थल पर कुछ देर के लिए रुके। बादल ने मौके पर हाजिर ग्रामीणों तथा मृतकों के दूर-दराज के रिश्तेदारों से हमदर्दी जाहिर करते हुए घटना के बारे में जाना। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को गांव भुल्लर स्थित लिंक नहरों के पुलों से पहले चारों तरफ दीवार बनवाने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने मौके पर हाजिर डिप्टी कमिश्नर परमजीत सिंह को तुरंत लिंक नहरों की साइडों में दीवारों का निर्माण कराने की बात कही।
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