भारत और पाकिस्तान के पंजाब प्रांत आपस में बेहतर तालमेल और समझ विकसित करने के उद्देश्य से रविवार को प्रोटोकॉल समझौते के साथ एक नए अध्याय की शुरूआत करेेंगे।
शनिवार को लुधियाना में पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और पाकिस्तानी पंजाब के मुख्यमंत्री मियां मोहम्मद शहबाज शरीफ के बीच हुई बातचीत में दोनों नेताओं ने दोनों प्रांतों के बीच तालमेल बढ़ाने की बात पर जोर दिया। शहबाज शरीफ ने भारत-पाकिस्तान को बांटने वाली बंदिशें खत्म कर आगे बढ़ने की वकालत की।
इसके साथ ही वीजा नियमों को सरल बनाने और दोनों देशों के बीच कारोबारी समझौते मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने परस्पर प्रोटोकॉल समझौते पर सहमति जताई और इसके लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन भी किया।
शनिवार को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) में लुधियाना और फैसलाबाद कृषि विश्वविद्यालय के माहिरों के बीच बैठक हुई। इस मौके पर गडवासू के विशेषज्ञ भी मौजूद थे। बैठक में कृषि व पशु पालन के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने के क्षेत्रों पर मंथन हुआ। इस मौके पर शरीफ ने कृषि, पशुपालन, एग्रो प्रोसेसिंग, इंडस्ट्रियल एवं ट्रेड वेंचर के क्षेत्र में आगे बढ़ने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में टेक्सटाइल व ढांचागत विकास पर मिलकर काम करने की बात भी कही।
शरीफ ने कहा कि दोनों पंजाब के लिए यूरोपियन यूनियन के देशों से सीखने की जरूरत है। दोनों देशों के लोग विकास का नया अध्याय लिखने को तैयार हैं। इसके लिए अपनी जरूरत के मुताबिक क्षेत्रों की पहचान कर काम किया जा सकता है।
शरीफ ने पंजाब में प्रशासनिक सुधारों को सराहा
मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि पंजाब में किसानों को राहत देने के लिए सरकार सालाना छह हजार करोड़ रुपये की बिजली मुफ्त दे रही है। इस पर शरीफ ने कहा कि देश को अनाज के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह सूबा सरकार का बेहतर कदम है। शरीफ ने बादल सरकार के प्रशासनिक सुधारों की भी तारीफ की। उन्होंने पीएयू और पाक कृषि विश्वविद्यालय के माहिरों को खोज के क्षेत्र में मिलकर काम करने को प्रेरित किया।
सीएम बादल ने कहा कि ये मुलाकातें रस्मी नहीं होनी चाहिए, बल्कि इनके परिणाम भी निकलने जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि भारत-पाक सरकारें दोनों देशों के बीच दूरियां खत्म करने के लिए काम करें।