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चीनियों को उद्यमियों की लाशों पर लगानी होंगी इकाईयां : ठुकराल

Thu, 25 Aug 2016 08:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
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प्रदर्शन - फोटो : file
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पंजाब सरकार की ओर से गांव धनांसू के 300 एकड़ में प्रस्तावित विश्व स्तरीय साइकिल वैली को लेकर विरोध शुरू हो गया है। वीरवार को जनता नगर स्मॉल स्केल मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन के बैनर तले उद्यमियों ने वैली स्थल पर रोष प्रदर्शन किया और विरोध स्वरूप काला झंडा गाड़ दिया।
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उद्यमियों ने साफ किया है कि धनांसू में चीन की कंपनियों को कतई घुसने नहीं दिया जाएगा। एसोसिएशन के प्रधान जसविंदर सिंह ठुकराल ने कहा कि चाईनीज कंपनियों को उद्यमियों की लाशों पर इकाईयां बनानी होंगी।

काबिलेजिक्र है कि सूबा सरकार धनांसू में विश्व स्तरीय साइकिल वैली बनाने जा रही है। इस वैली में बड़ी साइकिल कंपनियों के अलावा चीन और ताईवान से भी कंपनियों को आमंत्रित किया गया है। छोटे साइकिल उद्यमी इसका विरोध कर रहे हैं। उनका तर्क है कि पहले ही चीन के सस्ते आयात ने साइकिल उद्योग की कमर तोड़ रखी है, यदि चीन की कंपनियां लुधियाना तक पहुंच गई तो साइकिल उद्योग बंदी के कगार पर आ जाएगा।
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एसोसिएशन के बैनर तले उद्यमी वीरवार को जनता नगर के गोल्डन पार्क में इकट्ठा हुए। वहां से काली झंडियां लेकर धनांसू स्थित साइकिल वैली स्थल पर पहुंचे। वैली स्थल पर काला झंडा लगाने के बाद सूबा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम कर रखा था।

एसोसिएशन के प्रधान जसविंदर सिंह ठुकराल ने कहा कि धनांसू में कारपोरेट घरानों और विदेशी कंपनियों को मिला कर वैली बनाने का फैसला उन्हें कतई मंजूर नहीं है। कारपोरेट और विदेशी कंपनियों को कौड़ियों के भाव जगह दी जा रही है, जबकि छोटे उद्यमी जगह के लिए मारे मारे फिर रहे हैं।

ठुकराल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने विदेशी कंपनियों के साथ समझौता किया तो उनको हमारी लाशों से गुजर कर इकाईयां बनानी होंगी। यदि सरकार ने धक्का किया तो उद्यमी परिवारों समेत धनांसू में मरणव्रत पर बैठ जाएंगे। साइकिल वैली के नाम पर छोटी छोटी इकाईयों को बर्बाद करने की साजिश रची जा रही है। बड़े घरानों को खुश करके चुनावी फंड का इंतजाम पक्का किया जा रहा है।

चीन की कंपनियों को यहां लाकर उद्यमियों को उनका गुलाम बनाने की रणनीति बनाई जा रही है, इसे कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। इस अवसर पर नरिंदर भमरा, इंद्रजीत सिंह, सविंदर सिंह, प्रदीप वधावन, हरजीत सिंह, परमिंदर सिंह, बलबीर सिंह, कुलदीप सिंह और राजिंदर सिंह समेत कई उद्यमी मौजूद रहे।
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