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चुनाव आयोग के आदेश पर विधायक सिमरजीत सिंह बैंस को पुलिस ने किया रिहा

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अब प्रशासन के पहरे में रहेंगे बैंस और कड़वल, कैमरे में कैद होगा प्रचार
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दस घंटे के दौरान पुलिस के हर सवाल का दिया जवाब, दिखाया वीडियो : बैंस
कड़वल की चुनावी सभा पर हमले के आरोप में गिरफ्तार हुए थे सिमरजीत बैंस
मंगलवार आधी रात को चुनाव आयोग के निर्देश के बाद थाने से हुए थे रिहा
संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। चुनाव प्रचार के दौरान ईंट पत्थर बरसाने, गाड़ियों की तोड़ फोड़ करने और गोली चलाने के मामले में रिहा हुए लोक इंसाफ पार्टी प्रमुख और हलका आत्म नगर से चुनाव लड़ रहे विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने रिहा होने के बाद चुनाव प्रचार शुरू करके पहला निशाना कांग्रेस प्रत्याशी कमलजीत सिंह कड़वल को बनाया। उन पर तंज कसने के साथ विधायक बैंस ने लोगों से अपील की कि चुनाव प्रचार किसी के भी पक्ष में करें, उन्हें कोई परेशानी नहीं है, आपसी भाईचारा खराब न होने दें। चुनाव दस दिन बाद खत्म हो जाएंगे, भाईचारा सदा के लिए खत्म हो जाता है। दोनों पक्षों के बीच हुई मारपीट के बाद और चुनाव आयोग के दखल देने के बाद जिला प्रशासन ने दोनों प्रत्याशियों की गतिविधियों पर नजर रखने को कहा है। अब दोनों प्रत्याशियों के साथ प्रशासन की टीम तैनात रहेगी जिसमें कैमरामैन भी होगा। जब दोनों प्रत्याशी प्रचार करेंगे तो हर एक गतिविधि को कैमरे में कैद किया जाएगा। ताकि अगर कोई गड़बड़ होती भी है तो प्रशासन को जांच करने में आसानी हो सके।
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लोक इंसाफ पार्टी प्रमुख सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा कि पुलिस ने सरासर मामला झूठा दर्ज किया था। वह चुनाव प्रचार कर रहे थे कि अचानक से छत पर से बोतल आने लगी। गोली चलाने के मामले में उन्होंने बताया कि वीडियो जो दिखाई जा रही है वह गलत है। गोली चली तो वह अपने साथियों को इशारा कर रहे थे कि वह साइड पर हो जाए। मगर आरोप लगा दिए गए कि बैंस ने गोली चलाई है। विरोधियों द्वारा दी गई वीडियो के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर दिया और वह बार रूम के समारोह में गए तो वहां से उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पहुंच गए। वह इनवेस्टिगेशन ज्वाइन करने के लिए गए थे। उन्होंने चुनाव आयोग को सारी जानकारी दे दी थी और वीडियो व अन्य सामग्री भी पहुंचा दी थी। जिसके बाद देर रात तक जांच की गई और उन्हें रिहा कर दिया गया। हत्या प्रयास मामले की धार पर उन्होंने कहा कि अब पुलिस देखेंगी कि क्या करना है। बैंस ने कहा कि आधे ऐसे लोगों कों नामजद किया गया था जो अपने घरों थे। ऐसा कर विरोधियों ने उनकी कंपेन रोकने की कोशिश की है, वोटर अपना जवाब बीस फरवरी को देंगे।
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