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लुधियाना : बिजली कटों की भरमार से उद्यमी और व्यापारी परेशान, धीमा हुआ उत्पादन

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लुधियाना। महानगर में बिजली के लगातार कटों से इंडस्ट्री की गति धीमी पड़ गई है। लिहाजा इंडस्ट्री और व्यापारी गुस्से में है। कटों से जहां उत्पादन कम हो रहा है, वहीं लेबर कॉस्ट पड़ने से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
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गौरतलब है कि लुधियाना में छोटी-बड़ी इकाइयों की बात करें तो करीब 40 से 45 हजार इंडस्ट्री हैं। लुधियाना की इंडस्ट्री में हिंदुस्तान ही नहीं बल्कि विदेशों में भी माल बनाकर भेजा जाता है। ऐसे में इंडस्ट्री का उत्पादन नियमित और निर्विघ्न बनाए रखने के लिए बिजली की उपलब्धता बहुत जरूरी है। इस समय बिजली के कटों ने इंडस्ट्री को परेशान करके रख दिया है।
बिजली कुछ ही देर रहती है। उद्यमियों का कहना है कि डीजल के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में इंडस्ट्री को चलाने के लिए डीजल के मुकाबले बिजली सस्ती पड़ती है। डीजल से आर्थिक घाटा इंडस्ट्री को पड़ेगा। इसलिए बिजली की निर्विघ्न सप्लाई इंडस्ट्री को जरूरी है। इंडस्ट्री को कई ऑर्डर भी आए हुए हैं जिन्हें समय से पूरा कर करना है। बिजली की समस्या यूं ही बनी रही तो ऑर्डर कैंसल होने का खतरा भी बना रहेगा।
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पैड़ी सीजन में लुधियाना को 15000 मेगावाट बिजली की जरूरत है।
अभी करीब 10000 मेगावाट बिजली ही आ रही है करीब 5000 मेगावाट बिजली की और जरूरत होगी। अभी तो अप्रैल महीना ही चल रहा है। जून में धान की बिजाई का काम शुरू हो जाएगा ऐसे में गांव को भी बिजली की जरूरत लगातार रहेगी। उद्यमियों का मानना है कि सरकार न तो अभी निर्विघ्न बिजली सप्लाई दे पा रही है, न ही चुनावों के समय जो वादा किया था वह पूरा किया है। इंडस्ट्री सस्ती और निर्विघ्न सप्लाई चाहती है। ऐसे में सरकार को दोनों लक्ष्यों को पूरा करना है। (संवाद)
वादा पूरा करे सरकार : विश्वकर्मा
यूनाइटेड साइकिल पार्ट्स मैन्युफेक्चरर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष चरणजीत सिंह विश्वकर्मा ने बताया कि बिजली के कटों से इंडस्ट्री धीमी पड़ गई है। इंडस्ट्री ने सरकार से बड़ी उम्मीदें लगा रखी है। अभी तक सरकार ने बिजली कटों पर कोई रोकथाम नहीं लगाई और न ही सस्ती बिजली देने के बारे में कोई एलान किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब की इंडस्ट्री को अगर आगे लेकर जाना है तो सस्ती बिजली व नियमित बिजली देनी होगी। सरकार से मांग की बिजली सप्लाई 24 घंटे की जाए।
अभी यह हाल तो पैडी सीजन में क्या होगा : जिंदल
फेडरेशन ऑफ स्माल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष बदीश जिंदल का कहना है कि अभी तो बिजली की ज्यादा मांग भी नहीं है, फिर भी बिजली कट लग रहे हैं। जून के माह में बिजली की खपत बढ़ जाएगी और पैडी सीजन भी होगा तो बिजली कैसे पूरी दी जाएगी। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की बिजली कटों पर कटौती लगाई जाए ताकि इंडस्ट्री अच्छे से काम कर सके।
सस्ती व निर्विघ्न बिजली सप्लाई दी जाए : ठुकराल
जसविंदर ठुकराल ने कहा कि बिजली सप्लाई बेहतर दिए जाने की जरूरत है अन्यथा इंडस्ट्री पीछे चली जाएगी। पहले ही इंडस्ट्री बहुत फायदे में नहीं है। सरकार ने सस्ती बिजली और निर्विघ्न बिजली सप्लाई देने का वादा किया था जो अभी पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा। सरकार अन्य विकास के कार्यक्रम चलाए रखे, लेकिन इंडस्ट्री को निरंतर और सस्ती बिजली देने का काम करना चाहिए। इंडस्ट्री राजस्व दे रही है और युवाओं को रोजगार भी।
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