लुधियाना। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने रविवार को कैबिनेट मीटिंग के बाद प्रदेश में पेट्रोल की कीमत 10 रुपये तो डीजल की कीमत में पांच रुपये कम करने का एलान किया था। सीएम का दावा था कि पंजाब के लोगों को अब पेट्रोल 95 रुपये और डीजल 83.75 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। सोमवार को पंजाब भर में लोगों को पेट्रोल 95.75 रुपये लीटर और डीजल 85.13 रुपये मिला। ऐसे में आम लोग तेल की कीमतों को लेकर पेट्रोल पंप मालिकों को भिड़ गए। आखिरकार वह पेट्रोल पर 75 पैसे और डीजल पर 1.38 रुपये कैसे ज्यादा वसूल कर रहे है। आखिरकार पेट्रोल पंप मालिकों ने जब आम लोगों को टैक्स के संबंध में समझाया तो इसके बाद कुछ मामला शांत हुआ।
गौरतलब है कि दिवाली के मौके केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती कर दी थी। इसके बाद पंजाब के मुकाबले पड़ोसी प्रदेशों में तेल की कीमतें ज्यादा कम हो गईं थीं। आखिरकार ट्रांसपोर्ट्स से लेकर आम लोगों ने पड़ोसी प्रदेशों का रुख कर लिया था। शुक्रवार को वित्तमंत्री ने घोषणा की कि जल्द ही तेल की कीमतें कम करने जा रहे हैं। इसके बाद आम लोग अपनी गाड़ियों में तेल कम ही डलवा रहे थे, क्योंकि हर कोई कीमत कम होने की तरफ देख रहे थे। रविवार रात से जैसे ही पेट्रोल पर दस रुपये और डीजल पर पांच रुपये कम करने की घोषणा हुई तो आम लोग तुरंत पेट्रोल पंप पर तेल डलवाने के लिए निकल पड़े। सरकार की तरफ से जारी विज्ञापन में पेट्रोल 95 रुपये तो डीजल 83.75 रुपये लीटर होने की बात कही, लेकिन पेट्रोल पंप पर तेल की कीमत कुछ अलग ही दिखी।
पंजाब के पेट्रोल पंप मालिकों को लगा 100 करोड़ का झटका
केंद्र सरकार ने दिवाली के दिन तेल की कीमतों को कम करने की घोषणा कर दी। इससे पंजाब के पेट्रोल मालिकों को लगभग 100 करोड़ का झटका लगा है। क्योंकि सरकार तेल की कीमतों को कम करने के लिए टैक्स को कम करती है। यह टैक्स जैसे ही पेट्रोल पंप मालिक तेल की खरीद करते हैं, उस समय ले लिया जाता है। पेट्रोल पंप मालिकों के पास उस समय लाखों लीटर पेट्रोल और डीजल का स्टाक पड़ा था। ऐसे में अब उन्हें कम कीमत पर यह तेल बेचना पड़ा। सरकार इसका कोई फायदा भी नहीं देती है। अब पेट्रोल पंप मालिकों को पंजाब की तरफ से टैक्स कम करने का पहले से पता चल चुका था, इसलिए उन्होंने पहले से तेल का स्टाक कम कर दिया था। इसके बावजूद उन्हें कुछ झटका तो लगा है।