लुधियाना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फिरोजपुर में रैली में जाते समय सुरक्षा में चूक मामले में डीसी दफ्तर के बाहर भाजपाइयों के धरने में निहंग सिंह पहुंच गया। जिसने विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। जिससे भाजपाई गुस्सा गए और उन्होंने निहंग सिंह को काबू करने की कोशिश की। पुलिस ने समय रहते ही निहंग सिंह को धरने से काबू कर लिया था। भाजपाइयों ने गुस्से में पुलिस मुलाजिमों के साथ भी हाथापाई की। पुलिस मुलाजिम शांत रहे। इस दौरान पुलिस मुलाजिमों के साथ भाजपाई बहस करते रहे कि निहंग सिंह को उनके हवाले किया जाए।
पुलिस किसी तरह से उसे वहां से ले गई। भाजपा के जिला प्रधान पुष्पेंद्र सिंघल ने पुलिस प्रशासन के साथ बहस करते हुए आरोप लगाए कि पहले प्रधानमंत्री की पुलिस ने सुरक्षा नहीं की और अब यहां उनके धरने में खलल डाला गया और पुलिस पूरी तरह से फेल साबित हुई है। उसके बाद भाजपा नेताओं ने एक तरफ जाम कर दिया। उसके बाद डीसी को ज्ञापन देने गए तो डीसी ने एडीसी की ड्यूटी लगा दी। जिसके बाद भाजपाई दफ्तर के बाहर ही धरने पर बैठ गए। उसके बाद डीसी ने उन्हें अंदर बुलाया और ज्ञापन लिया। भाजपा जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंगल ने साफ कहा कि यह कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि कांग्रेस की पंजाब सरकार की लापरवाही को दर्शाती है। इसके पीछे उसे कांग्रेस की मंशा पर भी शक ही पूरा यकीन है कि वह प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को विफल करने के लिए इस स्तर तक पहुंच गई। भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा की बुधवार को प्रधानमंत्री की सुरक्षा में उस समय चूक हुई जब वह बठिंडा से हुसैनीवाला के लिए निकले थे। पुलिस क्लीयरेंस के बावजूद प्रधानमंत्री के रूट में कांग्रेसियों ने धरना दिया हुआ था।
प्रधानमंत्री को हुसैनीवाला से 20 किलोमीटर पहले ही फ्लाईओवर पर करीब 20 मिनट रुकना पड़ा और उन्हें वापिस जाना पड़ा। भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा की पंजाब सरकार को तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए। भाजपा जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंगल ने बताया कि फ़िरोजपुर रैली में लुधियाना से 300 बसों के साथ 250 कारें रवाना हुई थी। इस मौके पर भाजपा के सीनियर नेता जीवन गुप्ता, अनिल सरीन, हर्ष शर्मा, महेश दत्त शर्मा, जिला उपाध्यक्ष सुनील मोदगिल, अश्वनी बहल, किरण शर्मा, योगेन्द्र मकोल, यशपाल जनोत्रा सहित अन्य लोग हाजिर थे।