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लुधियाना: दुष्कर्म मामले में विधायक बैंस के खिलाफ पेश की अधूरी चार्जशीट, कहा-गिरफ्तारी की तो माहौल हो सकता है खराब

Sat, 13 Nov 2021 05:56 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)

सार

दुष्कर्म मामले में एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट हरसिमरन जीत सिंह की अदालत ने 7 जुलाई 2021 को थाना डिवीजन नंबर 6 की पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। विधायक बैंस ने इन आदेशों को पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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सिमरजीत सिंह बैंस। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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लोक इंसाफ पार्टी प्रमुख एवं विधायक सिमरजीत सिंह बैंस के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म मामले में लुधियाना पुलिस ने अदालत में चार्जशीट को फाइल कर दी है, लेकिन अभी यह अधूरी है। पुलिस की तरफ से इसमें लिखा गया है कि फिलहाल विधायक को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है, क्योंकि उनके समर्थक माहौल को खराब कर सकते है। वह एक विधायक हैं, ऐसे में कहीं जा नहीं सकते हैं। 

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वहीं चार्जशीट में पीड़िता के मोबाइल फोन का डाटा पेश किया गया है, जिसमें कई खुलासे किए गए हैं। अभी तक बैंस की तरफ से भेजे गए मोबाइल फोन व उनके दफ्तर में लगे सीसीटीवी कैमरा की हार्ड डिस्क को पुलिस ने नहीं खंगाला है। शनिवार को पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर पीड़िता अकाली नेताओं के साथ धरना देने पहुंची। विरोधी पक्ष ने इस बात पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या पंजाब सरकार इतनी कमजोर है कि एक आरोपी को हिरासत में लेने से डर रही है। अदालत ने बैंस को 18 नवंबर को अदालत में पेश होने के आदेश जारी कर दिए हैं।


पीड़िता ने सबसे पहले 16 नवंबर 2020 को विधायक सिमरजीत सिंह बैंस, कमलजीत सिंह, बलजिंदर कौर, जसबीर कौर उर्फ भाभी, सुखचैन सिंह, परमजीत सिंह उर्फ पम्मा और गोगी शर्मा के खिलाफ पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी थी। लेकिन पुलिस इस मामले को जांच के नाम पर लटकाती रही। पीड़िता पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर न्याय के लिए धरना देती रही। पुलिस रवैये को देखते आखिरकार पीड़िता स्थानीय अदालत की शरण में गई। 
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एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट हरसिमरन जीत सिंह की अदालत ने 7 जुलाई 2021 को थाना डिवीजन नंबर 6 की पुलिस को मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। विधायक बैंस ने इन आदेशों को पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अदालत ने इस याचिका को रद्द कर दिया था और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई थी। अदालत ने इस मामले में दो माह के अंदर चार्जशीट फाइल करने के लिए कहा था, इसके बावजूद पुलिस लगभग चार माह के बाद चार्जशीट को 11 नवंबर को अदालत में पेश कर पाई। अभी तक इस मामले के एक भी आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है। 

बहुत मिल चुके हैं सबूत, सरकार बचाने में जुटी
एडवोकेट हरीश राय ढांडा ने बताया कि पीड़िता के मोबाइल में काफी चैट और कॉल डिटेल थी। जब पीड़िता ने इस मामले को उठाना शुरू किया था एक आरोपी बलजिंदर कौर ने उसके मोबाइल का डाटा साफ कर दिया था। लेकिन पुलिस ने पीड़िता के मोबाइल से पूरा डाटा निकाल लिया है। इसमें चैट से लेकर उसके द्वारा बताई गई कॉल का सारा ब्यौरा मैच कर गया है। यहां तक मोबाइल लोकेशन भी उसकी बातों से मैच कर रही है। बैंस ने अपना मोबाइल फोन और कैमरे की हॉर्ड डिस्क एक व्यक्ति के हाथ पुलिस के पास भेजी थी। पुलिस ने अभी तक वेरिफाई नहीं किया है कि क्या यह दोनों चीज सही हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद यह उनकी दूसरी जीत है।

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