राहुल गांधी के साथ केएल शर्मा।
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लगभग चालीस साल पहले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने लुधियाना निवासी किशोरी लाल शर्मा को यूथ कांग्रेस में कोऑर्डिनेटर बनाया था और इसके बाद शर्मा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और वे आज गांधी परिवार की पारंपरिक सीट अमेठी से कांग्रेस के उम्मीदवार बने हैं।
बेटे के कांग्रेस उम्मीदवार बनते ही शर्मा का पूरा परिवार अमेठी रवाना हो गया है और वहां पर किशोरी लाल के चुनाव प्रचार की कमान संभालेगा। किशोरी पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं वह भी देश की प्रतिष्ठित सीट अमेठी से।
लुधियाना के शिवाजी नगर निवासी किशोरी लाल स्नातक की डिग्री लेने के बाद ही दिल्ली चले गए थे। उसके बाद वे गांधी परिवार के लगातार करीबी होते गए। बताया जाता है कि राजीव गांधी ने किशोरी लाल को कई जिम्मेदारियां दी थी। जिनको उन्होंने बखूबी निभाया। इसीलिए वे उनके चहेते बन गए। सोनिया गांधी ने उनको रायबरेली से सांसद प्रतिनिधि भी बनाया था। राजीव गांधी के निधन के बाद ही वे गांधी परिवार के और करीब आ गए थे। उन्होंने रायबरेली और अमेठी में पूरी जिम्मेदारी के साथ गांधी परिवार के लिए काम किया।
शर्मा का परिवार मूलत: होशियारपुर के गांव भवानीपुर का है। उनके पिता अमरनाथ शर्मा का मालेरकोटला में बेकरी का काम था। उसके बाद उनके पिता परिवार समेत लुधियाना आकर बस गए। वे अपने परिवार के साथ कारोबार में भी सक्रिय रहते थे। किशोरी लाल शर्मा का जन्म अक्तूबर 1950 में मालेरकोटला में ही हुआ था। उनका विवाह वर्ष 1992 में किरण बाला के साथ हुआ था।
किशोरी के कारोबार को अब उनकी पत्नी संभालती हैं। उनकी दो बेटियां हैं। एक का विवाह हो गया, जबकि दूसरी दिल्ली में नौकरी करती हैं।
फरवरी 2022 में जब राहुल गांधी लुधियाना आए थे तो किशोरी लाल के घर पर भी गए थे। वहां पर परिवार के सदस्यों से मिले थे। किशोरी के चचेरे भाई राम पाल शर्मा ने कहा कि यह उनके लिए सम्मान की बात है कि वे अमेठी से चुनाव लड़ रहे हैं। पांच दिन पहले किशोरी लुधियाना में ही थे। हाईकमान से संकेत मिलने के बाद वे सीधे दिल्ली चले गए। राहुल गांधी की भारत बचाओ यात्रा जब लुधियाना पहुंची थी तो भी राहुल एवं किशोरी साथ साथ ही थे। साफ है कि गांधी परिवार और दस जनपथ पर किशोरी लाल शर्मा की पूरी पैठ है।