चीता और बाक्सर ने आतंकी भूरा और भूरा ने गगनदीप की आगे करवाई थी बात
प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए चीता और बाक्सर ने पूछताछ के दौरान बताया कि गगनदीप सिंह उन्हीं की बैरक में बंद था। सूत्रों के अनुसार चीता और बाक्सर जेल से ही आतंकी भूरा के संपर्क में रहते थे। आतंकी भूरा ने ही उनका नशा तस्कर रिंदा से संपर्क करवाया था। भूरा रिंदा के साथ और रिंदा आगे जसविंदर मुल्तानी के साथ संपर्क में था। तीनों अक्सर संपर्क में रहते थे और भारत के खिलाफ साजिश रचते थे।
सूत्रों के अनुसार गगनदीप का भी चीता और बाक्सर ने भूरा से संपर्क करवाया और भूरा ने रिंदा से संपर्क करवाया। बाहर आकर रिंदा ने मुल्तानी से संपर्क करवा कर लुधियाना में ब्लास्ट की साजिश रची। सूत्र बताते है कि अगर गगनदीप सिंह लुधियाना में बम धमाके को सही तरीके से अंजाम देता तो उसे आगे दिल्ली और मुंबई में ब्लास्ट करने के लिए भेजा जाना था। सूत्रों के अनुसार यह बात भी सामने आ रही है कि मुल्तानी ने ही गगनदीप तक विस्फोटक पहुंचवाया था। विस्फोटक की खेप कौन देकर गया है, इस बारे में अभी तक जांच एजेंसियों को कुछ पता नहीं चल पाया है।
किसान अंदोलन के दौरान भी माहौल खराब करने की रची थी साजिश
कृषि कानूनों के खिलाफ जब किसान राजधानी की सरहदों पर धरने पर बैठे थे तो विदेश में बैठे आतंकी संगठनों ने भारत में माहौल खराब करने की काफी कोशिश की थी। उस समय भी रेफरेंडम 2020 का नारा गूंजा था और गुरपतवंत सिंह पन्नू का नाम खुलकर सामने आया था। जिसके बाद जांच एजेंसियां सतर्क हो गई थीं। इसी दौरान इनपुट्स मिले कि किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल को कुछ देश विरोधी ताकतें अंदोलन के बीच मौत के घाट उतार कर माहौल खराब करवा सकती हैं।
ए प्लस कैटेगरी के गैंगस्टर रिंदा पर कई मामले दर्ज
देश से फरार हो चुका रिंदा ए प्लस कैटेगरी का गैंगस्टर रहा है। उसके खिलाफ पंजाब, महाराष्ट्र, चंडीगढ़, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में भी मामले दर्ज हैं। वह सभी राज्यों की पुलिस का वांटेड है। उसके खिलाफ 10 के करीब हत्या, छह के करीब हत्या की कोशिश और लूटपाट व डकैती समेत आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। रिंदा के खिलाफ नशा तस्करी के कई मामले भी दर्ज हैं। वह पाकिस्तान से ड्रग्स की तस्करी करता रहा है। रिंदा 2017 में पुलिस के हाथ से बच निकला था, जिसके बाद पता चला कि वह पाकिस्तान चला गया है। उसके बाद से ही पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी।