जानकारी के मुताबिक आयकर विभाग ने जालंधर में दबिश दी थी। वहां उन्हें कुछ बोगस बिल मिले। इसके बाद टीम ने लुधियाना का रुख किया। सूत्रों के मुताबिक दबिश की जानकारी किसी को न मिले, इसलिए लुधियाना पुलिस को सूचना नहीं दी गई। आयकर टीम के साथ सीआरपीएफ जवान साथ रहे।
सुबह पहले गुरमेल मेडिकल संचालकों के निवास पर दबिश की। इस दौरान टीम ने घर से दस्तावेज चेक किया। बाद में गोदाम, ऑफिस और शहर के सिविल लाइंस डीएमसी अस्पताल के साथ बने मेडिकल हॉल में चेकिंग की। इसके बाद सीएमसी अस्पताल के नजदीक बनाए गए मेडिकल हॉल समेत ऑफिस, पिंडी स्ट्रीट में बने कई गोदामों और फार्म हाउस में टीम पहुंच गई।
आयकर विभाग ने गोदामों में दवाओं के अलावा बिल की जांच की। इसके अलावा घर और मेडिकल हाल से कंप्यूटर की डिस्क, सीडी तथा अन्य दस्तावेज बरामद कर जब्त किए हैं। सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग गुरमेल मेडिकल के ऑफिस, मेडिकल हाल तथा गोदामों तथा जुटाए गए दस्तावेज के मुताबिक दवा के कारोबार में करोड़ों की आय चोरी का मामला सामने आया।
कई वर्षो से आयकर में घोटाला किया गया। बताया जा रहा है दवाओं का कारोबार बिना बिल के हो रहा था। कई फर्मों को बिल नहीं दिए जाते थे। मेडिकल शॉप पर पक्के बिल नहीं दिए जाते थे। फिलहाल आयकर विभाग गुरमेल मेडिकल द्वारा पूरे पंजाब दवा की सप्लाई की जाती है, उसका रिकॉर्ड खंगाल रही है।
कहां-कहां और किस-किस पार्टी का दवा जाती थी। विभाग दस्तावेजों के जरिये सारी जानकारी जुटा रहा है। ऐसे में आयकर चोरी का बड़ा मामला भी सामने आ सकता है। आने वाले दिनों में आयकर विभाग की टीम पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में दवा कारोबारियों पर दबिश दे सकती है और आयकर की हो रही चोरी का भंडाफोड़ कर सकती है।
ड्रग इंस्पेक्टर नहीं जाते थे जांच के लिए
गुरमेल मेडिकल की शॉप, गोदाम पर आयकर विभाग की टीम ने पहली बार दबिश दी है लेकिन पंजाब में अकाली दल की सत्ता के समय उक्त फर्म के मेडिकल हॉल, गोदाम पर चेकिंग के लिए पंजाब सरकार के सेहत विभाग के ड्रग इंस्पेक्टर ने कभी चेकिंग नहीं की। विभाग की टीमें दूसरे मेडिकल पर अक्सर माह के अंत में आते थे, उनकी चेकिंग भी करते थे। ऐसे में सवाल उठता है कि उस समय सेहत विभाग का ड्रग विभाग वहां चेकिंग क्यों नहीं करता था।