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कैश की रखवाली करने वाले ने साले के साथ मिल गढ़ी थी लूट की साजिश, तीन गिरफ्तार

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लुधियाना। मिल्लरगंज इलाके के किस्मत कंप्लेक्स की लिफ्ट के बाहर से शंकर मैटल के मुलाजिम से 35 लाख रुपये की लूट का मामला पुलिस ने 12 घंटे से भी कम वक्त में सुलझा लिया है। इस वारदात को अंजाम किसी ओर ने नहीं बल्कि कैश की रखवाली करने वाले ने अपने साले और उसके साथी के साथ मिल कर दिया। आरोपी ने ही पूरी प्लानिंग बनाई थी।
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पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने शंकर मैटल के मालिक भामियां रोड स्थित आंसल कालोनी के रहने वाले दीपक आनंद उर्फ शंकर की शिकायत पर उनके सिक्योरिटी गार्ड गगनदीप सिंह, सतनाम सिंह सैंडी और संदीप सिंह उर्फ सीपा के खिलाफ मामला दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल की गई खिलौना पिस्तौल भी बरामद कर ली है। इसके साथ साथ वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक भी पुलिस ने कब्जे में ले ली है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है।
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि शंकर मैटल के मालिक दीपक सोना खरीद फरोख्त करते है। गगनदीप के पास लाइसेंसी रिवाल्वर था तो उन्होंने सिक्योरिटी के लिए उसे करीब छह महीने पहले नौकरी पर रखा था। गगनदीप ही शंकर मैटल के कर्मचारी प्रिंस के साथ अक्सर सोना और कैश लेकर आता-जाता था। हर बार की तरह शुक्रवार की शाम को भी वह एक्टिवा स्कूटर पर 35 लाख रुपये की नकदी सर्राफा बाजार से लाकर किस्मत कंप्लेकस स्थित पांचवी मंजिल के अपने दफ्तर में आना था। जैसे ही वह पैसे लेकर अंदर जाने लगे तो आरोपी ने पैसे छीन लिए।
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रोजाना लाखों रुपये का लेन देन और जेवरात देख गगनदीप की नजर कैश और जेवरात पर पड़ने लगी थी। उसने अपनी पत्नी के बुआ के बेटे आरोपी सतनाम सिंह सैंडी को बताया और लूट की पूरी प्लानिंग बनाई। सैंडी का रायकोट में जिम था और आरोपी संदीप सिंह सीपा उसके पास जिम में आता था। आरोपी सैंडी ने सीपा को साथ मिला लिया। सैंडी और सीपा पिछले करीब बीस दिन से रोजाना रैकी कर रहे थे। वह पूरी प्लानिंग बना रहे थे कि कैसे लूट की वारदात को अंजाम देना है। शुक्रवार को गगनदीप और प्रिंस जैसे ही सोना बेचने के लिए जाने लगे तो गगनदीप सिंह ने प्लानिंग के मुताबिक सैंडी और सीपा को बता दिया। जिसके बाद पैसे लेकर निकलने के दौरान उन्हें पता चल गया था कि गगनदीप और प्रिंस पैसे लेकर निकल चुके है।
गगनदीप और प्रिंस जैसे ही रुपयों से भरा बैग लेकर पहुंचे। प्रिंस ने एक्टिवा स्कूटर को साइड पर लगाया और गगनदीप सिंह पैसों से भरा बैग लेकर अंदर जाने लगा तो बाइक सवार दो युवक बाहर आकर रुके। सैंडी बाइक लेकर खड़ा रहा और सीपा ने आरोपी से रुपयों से भरा बैग खिलौना पिस्तौल दिखा कर लूट लिया। ड्रामा करने के लिए गगनदीप सिंह पीछे भागा, लेकिन आरोपी फरार हो चुके थे। उसके बाद आरोपी सीपा व सैंडी रुपये लेकर अलग-अलग हो गए। आरोपी गगनदीप सिंह से पुलिस ने पूछताछ की तो वह अपनी बातों में उलझ गया और सारी सच्चाई उसने उगल दी। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को काबू कर लिया।
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सैंडी के भाई पर है हत्या का मामला, अभी है जेल में
पुलिस कमिश्रर ने बताया कि आरोपी सैंडी के भाई रंजीत सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ था। वह पहले ही जेल में बंद है। बीस दिन से उनकी लूट की प्लानिंग थी। पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है। अभी तक की जांच में ऐसा कुछ सामने नहीं आया है जिससे आरोपियों के पिछले रिकार्ड का पता चल सके। पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है।
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ननिहाल में पले गगनदीप को था साइक्लिंग का शौक
गगनदीप सिंह बचपन से ही अपने ननिहाल पटियाला के देवीगढ़ रोड स्थित ईश्वर नगर में रहता था। वह 12वीं तक की पढ़ाई कर चुका है। स्कूल से ही उसे साइक्लिंग का शौक था। उसके बाद वह जिम जाने लगा और उसी जिम में ट्रेनर बन गया। उसके पास अपना 32 बोर का लाइसेंसी रिवाल्वर भी था। जिस कारण उसे शंकर मैटल में नौकरी मिली थी। वह काफी अच्छे तरीके से पिछले छह महीने से नौकरी कर रहा था। मालिकों को भी उस पर काफी भरोसा होने लगा था। जिस कारण वह हर जगह गगनदीप को प्रिंस के साथ बतौर सिक्योरिटी गार्ड भेज देते थे।
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