बरनाला में पुलिस मुलाजिमों की गिरफतारी के विरोध में एसएसपी की कोठी के समक्ष धरने देते उनके परिजन।
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राज्य में शायद यह पहली बार हुआ होगा कि पुलिस परिवारों ने एसएसपी का घेराव किया हो।
गत दिनों पुलिस हिरासत के दौरान हंडियाया पुलिस चौकी में नौजवान किसान बलदेव सिंह की सल्फास की गोलियां निगलने से मौत हो गई थी। इस संबंधी बरनाला पुलिस ने चौकी इंचार्ज चरणजीत सिंह व थाना मुंशी सोदागर सिंह पर कत्ल का मामला दर्ज कर वीरवार को दोनों पुलिस मुलाजिमों को जेल भेज दिया।
इससे गुस्साए पुलिस परिवारों ने जिला पुलिस मुखी गुरप्रीत सिंह तूर की कोठी का घेराव कर लिया। घेराव करने वालों में पुलिस मुलाजिमों की पत्नियों, रिश्तेदार व उनके गांव निवासी बड़ी संख्या में शामिल हुए। उन्होंने एसएसपी गुरप्रीत सिंह तूर की कोठी का घेराव कर जमकर नारेबाजी की और एसएसपी तूर पर धोखेबाजी के आरोप लगाए।
जेल भेजे गए आरोपी पुलिस अधिकारी चरणजीत सिंह के भांजे गुरदीप सिंह ने कहा कि जिला पुलिस मुखी गुरप्रीत सिंह तूर, सीआईए इंस्पेक्टर बलजीत सिंह ने उनके साथ धोखा किया है। उन्हें भरोसा दिलाया था कि पुलिस मुलाजिम चरणजीत सिंह व सौदागर सिंह को कत्ल केस में जेल नहीं भेजा जाएगा।
पुलिस परिवारों ने चेतावनी दी कि अगर निर्दोष पुलिस मुलाजिमों पर मामला रद्द कर उन्हें न छोड़ा गया तो एसएसपी तूर व सीआईए स्टाफ का इंचार्ज के खिलाफ संघर्ष तेज किया जाएगा। एसएसपी तूर ने कहा कि मामले की दोबारा से जांच करवाई जाएगी।