फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रेम संबंधों में नाकाम फ्लाइट लेफ्टिनेंट ने खुदकुशी की

Fri, 04 Apr 2014 10:41 PM IST
हलवारा (लुधियाना)।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रेम संबंधों में असफल रहने के कारण भारतीय वायु सेना के फ्लाइट लेफ्टिनेंट श्रीकांत मडगी ने वीरवार की रात खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। एनडीए पासआउट 25 वर्षीय इस होनहार पायलट ने एयरफोर्स स्टेशन हलवारा की राइफल शूटिंग रेंज में अपनी सर्विस रिवाल्वर से कनपटी पर गोली मारी।
विज्ञापन


घटना के समय रेंज में राइफल शूटिंग का अभ्यास चल रहा है। पुलिस को मृतक श्रीकांत मडगी के कपड़ों से पांच पन्नों का बेहद भावुक सुसाइड नोट मिला है, जिसे सुधार पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। मृतक मडगी के शव का शुक्रवार को सिविल अस्पताल सुधार में पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव वायुसेना अधिकारियों के हवाले कर दिया गया।

थाना सुधार में एयरफोर्स स्टेशन हलवारा में तैनात विंग कमांडर वाइएस चौहान के बयान पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मूल रूप से बंगलूरू निवासी श्रीकांत मडगी का शव सड़क के रास्ते दिल्ली ले जाया जाएगा। वहां से वायुसेना के विशेष विमान से उसे बैंगलोर पहुंचाया जाएगा।
विज्ञापन

सेना करेगी उच्चस्तरीय जांच
थाना सुधार के प्रभारी जसविंदर सिंह खैरा ने कहा कि गोली मृतक की कनपट्टी के आरपार निकल गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। उधर, डिफेंस वक्ता नरेश विज ने कहा कि मामले में सेना ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

सुसाइड नोट में लिखा, मेरी मौत का जिम्मेदार कोई नहीं
हलवारा (लुधियाना)। मृतक फ्लाइट लेफ्टिनेंट श्रीकांत मडगी के पिता चंद्र प्रकाश मडगी बंगलूरू में एसपी हैं। मृतक मडगी ने अपने सुसाइट नोट के पांच पन्नों में एक पन्ना अपने पिता, एक पन्ना अपनी मां एक अपने भाई और एक अपनी बहन के नाम लिखा है। एक पन्ने में खुदकुशी के कारण का जिक्र किया गया है।

सुसाइट नोट के मुताबिक मडगी वायुसेना स्टेशन हलवारा में ही तैनात एक महिला फ्लाइट लेफ्टिनेंट से प्यार करता था, लेकिन यह प्यार शायद एक तरफा था। महिला अफसर ने मडगी के प्रेम संबंध को ठुकरा दिया, जिसकी वजह से वह बेहद परेशान था। वीरवार रात करीब साढ़े सात बजे मडगी ने खुद को गोली मार ली। उसे तुरंत 9विंग एयरफोर्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अपने सुसाइड नोट में मडगी ने लिखा है कि बेशक उसके परिजन उसे डरपोक कहेंगे, लेकिन वह डरपोक नहीं था। उसने लिखा है कि वह उक्त महिला अफसर को बेहद प्यार करता था और उसके बिना वह जी नहीं सकता। मडगी ने सुसाइड नोट में लिखा है कि उसकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है और न ही बाद में उक्त महिला अफसर को तंग किया जाए। वह अपने परिवार से बेहद प्यार करता है और अपने पिता चंद्र प्रकाश मडगी की बहुत इज्जत करता है। मडगी बंगलूरू जय नगर ब्लाक चार का रहने वाला था।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें