लुधियाना। साहनेवाल के पास स्थित आयुर्वेदिक दवाखाना में ईडी के अधिकारी बनकर लूटपाट करने वाले पांच आरोपियों को कमिश्नरेट पुलिस की ओर से गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला जो दवाखाने से नौकरी से निकाली गई थी। वारदात को अंजाम देने में एक पंजाब पुलिस खन्ना से डिसमिस मुलाजिम शामिल है। आरोपियों को मामले की जांच के दौरान गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटे हुए 55 हजार रुपये बरामद किए गए है। आरोपियों की पहचान गिरोह के सरगना मोहल्ला अमन नगर निवासी कुलविंदर सिंह उर्फ गोलू, मलेरकोटला के गांव केले निवासी अमनदीप सिंह अमना, बरनाला के गांव जोधपुर निवासी गुरदीप सिंह उर्फ जस्सी, मोहल्ला अशोक नगर निवासी दविंदर सिंह उर्फ विक्की और दोराहा के गांव रामपुर निवासी अमनप्रीत कौर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ कर फरार चल रहे उनके साथियों का पता लगाना शुरू कर दिया है।
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि हरभजन सिंह का साहनेवाल में आर्युवेद योगिया के नाम से दवा खाना है। वह पिछले काफी समय से घर में ही बैठ कर दवा खाना चला रहा है। जहां शूगर, कैंसर जैसी बीमारियों के मरीज दवा लेने के लिए आते है। दवाई लेने वालों में पंजाब के साथ साथ बाहरी राज्यों से भी लोग आते है। मरीज ठीक होने के बाद हरभजन सिंह को श्रद्धा अनुसार पैसे दे जाते है। वहीं पैसों से हरभजन सिंह अपना दवा खाना चलाता था। आठ मार्च की रात को हरभजन सिंह परिवार के साथ बैठा हुआ था। इसी दौरान पुलिस वर्दी पहने एक आरोपी दाखिल हुए। बाबा हरभजन सिंह से कहा कि वह ईडी के अधिकारी है और वह दवा खाने में बिना बिल के सारा काम करते है। जिसके बाद सभी को एक कमरे में बंद करने के बाद आरोपियों ने दवाखाने को चेक किया और वहां से पैसे लूट ले जाते हुए आरोपियों ने सर्टिफिकेट दिए। तीन दिन तक कोई कार्रवाई न होने पर हरभजन सिंह को शक हुआ तो उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी। जांच की गई तो पता चला कि सभी जाली ईडी अधिकारी बने हुए थे। जिसके बाद जांच की गई और चार आरोपियों और एक महिला आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पहले आयुर्वेद योगिया में काम करती थी आरोपी अमनप्रीत कौर
पुलिस पूछताछ में पता चला कि लूट मामले में गिरफ्तार अमनप्रीत कौर पहले आर्युवैद वेदिया में पर्चिया काटने का काम करती थी। जिसे हरभजन सिंह ने नौकरी से निकाल दिया था। जिसके बाद उसने बदला लेने के लिए अपने साथी कुलविंदर सिंह उर्फ गोलू को बताया और लूट की योजना बनाई। जिसके बाद आरोपी कुलविंदर सिंह ने अपने साथियों से बात की और रैकी करने के बाद वारदात को अंजाम दिया। गोली ने अपने साथी पंजाब पुलिस खन्ना में तैनात नवतेज सिंह उर्फ ज्योति को शामिल किया और वारदात की। आरोपी ज्योति ही वर्दी पहन कर सबसे पहले अंदर दाखिल हुआ था। पुलिस कमिश्नर के अनुसार सभी के खिलाफ पहले मामले दर्ज है। पुलिस आरोौपियों से पूछताछ कर फरार चल रहे बाकी चार आरोपियों का पता लगाने में जुटी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।