किसान जत्थेबंदी भारतीय किसान यूनियन उगराहा की तरफ से पांच दिवसीय धरना शुरू
दस फरवरी तक चलेगा धरना, मांगे न मानी तो संघर्ष किया जाएगा और तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। खेती निजी न बनाए जाने के खिलाफ किसान जत्थेबंदी भारतीय किसान यूनियन उगराहा की ओर से डीसी दफ्तर के बाहर सड़क पर धरना लगा दिया गया। एलीवेटिड पुल के नीचे किसान जत्थेबंदियों की तरफ से पांच दिन के लिए पक्का मोर्चा लगाया गया है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने डीसी दफ्तर में जाने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें बाहर ही रोक लिया। इस दौरान किसानों की पुलिस के साथ कहासुनी भी हुई और हल्की धक्का मुक्की भी हुई। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने किसान जत्थेबंदियों के पदाधिकारियों के साथ बातचीत की और पुल के नीचे पक्का मोर्चा लगा दिया। दस फरवरी तक किसान वही प्रदर्शन करेंगे।
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहा के नेता सौदागर सिंह घड़ानी ने बताया कि 22 से 26 जनवरी तक प्रदर्शन पूरे पंजाब में किए जाने थे, लेकिन सर्दी ज्यादा होने की वजह से इसे आगे बढ़ा दिया था। छह से दस फरवरी पांच दिन के लिए पूरे पंजाब के डीसी दफ्तरों के बाहर पक्के मोर्चे लगाए जाने है। उन्होंने कहा कि जब पंजाब सरकार सत्ता में आई थी तो उन्होंने कहा कि किसानों के पक्ष के लिए खेती निती बनाई जाएगी। जिससे पक्का रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसानों की मुख्य मांग कई फसलों पर एमएसपी मिले, बाढ़ से या फिर गुलाबी सूंडी से खराब हुई फसलाें का मुआवजा दिया जाए, पराली जलाए जाने के केस जो किसानों पर दर्ज किए गए है उसे वापिस लिया जाए और जो किसानों की सहूलियतें बनती हैं उसे दिया जाए। अगर तो पंजाब सरकार बात करने के लिए राजी है तो ठीक नहीं तो किसान पांच दिवसीय धरने पर तो बैठे है। आगे की रणनीति तैयार की जाएगी और जो जत्थेबंदी के पदाधिकारियों से आदेश होगा उसी के हिसाब से आगे का आंदोलन जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि 16 फरवरी को विभिन्न किसान जत्थेबंदियों की तरफ से भारत बंद का ऐलान है। इसके अलावा दिल्ली कूच करने की जरूरत पड़ी तो वह भी किया जाएगा।