भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने शनिवार को हरियाणा में किसानों पर हुए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि उनकी यूनियन हरियाणा सरकार से मांग करती है कि जिस एसडीएम ने किसानों के सिर फोड़ने का आदेश दिया था। उनके खिलाफ तुरंत मामला दर्ज होना चाहिए, ताकी ऐसे अधिकारियों को एक सबक मिल सके।
चढ़ूनी रविवार को लुधियाना में एमकेडी फ्रंट की तरफ से आयोजित एक समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे थे। उन्होंने हरियाणा में लाठीचार्ज के दौरान एक पुलिसकर्मी की तरफ से लाठियां भांजने की वीडियो वायरल होने के सवाल पर कहा कि वह युवक हरियाणा में जेजेपी के विधायक का भतीजा है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए सरकार को लिखेंगे।
वहीं मनोहर सरकार की तरफ से लाठीचार्ज को सही ठहराने की बात पर चढ़ूनी ने कहा कि सरकार का संतुलन बिगड़ चुका है। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वह क्या करें लेकिन इस गंभीर मुद्दे पर सोमवार को किसान यूनियन की बैठक होने जा रही है। बैठक में हरियाणा सरकार की तरफ से की गई बर्बरता को लेकर तीखे संघर्ष का फैसला लिया जाएगा। अगला संघर्ष कैसा होगा इसकी रूपरेखा बैठक के बाद बताई जाएगी। एक बात साफ है कि किसान किसी हालत में पीछे नहीं हटेंगे। जब तक काले कानून रद्द नहीं होंगे किसानों का संघर्ष इसी तरह जारी रहेगा।
...ताकी सरकारों को सबक सिखाया जा सके
किसान नेता चढ़ूनी ने साफ किया कि वह किसी तरह का चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं रखते। उनका मकसद सिर्फ किसानों के हक में खड़े दलों को एकजुट कर एक मंच पर लाना है, ताकी सरकारों को सबक सिखाया जा सके। इससे पहले लुधियाना में कारोबारियों के बने राजनीतिक दल ने चढ़ूनी को अपना सीएम फेस बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद अटकलों का दौर शुरू हो गया था कि चढ़ूनी अगामी विधानसभा चुनाव में पूरी सक्रियता के साथ चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। चढ़ूनी ने कहा कि उस दल के नेताओं को पता नहीं था, इसलिए उन्होंने इस तरह की घोषणा की थी।